मेडिकल स्टोर व एजेंसियों के लाइसेन्स अब ऑनलाइन बनेंगे। सरकार ने अनियमितताएं रोकने को लेकर यह नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। ऑनलाइन लाइसेंस के साथ ही नवीनीकरण को भी इससे जोड़ा गया है। अभी तक मैनुअल व्यवस्था होने के चलते जहां भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था, वहीं दवा व्यवसाइयों की मनमानी से विभाग के लोग भी परेशान रहते थे। सबसे अधिक परेशानी फ ार्मासिस्टों के लाइसेन्सों को लेकर रहती है। विभागीय अफ सरों की मानें तो प्रदेश में करीब 40 हजार फ ार्मासिस्ट हैं, जबकि एक लाख 25 हजार मेडिकल स्टोर हैं। ऐसे में विभागीय निर्देशों का पालन दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। नियमों के मुताबिक एक मेडिकल स्टोर पर एक फ ार्मासिस्ट होना चाहिए, लेकिन यह निर्देश बेमानी साबित हो रहे हैं। अब सरकार की मंशा इस पर अकुंश लगाने की है, जिसको लेकर ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है।