500 व 1000 रुपये की नोटबंदी के एक माह बाद भी कैश की किल्लत खत्म नहीं हो रही है। कैश न मिलने से नाराज कुतुबनगर में ग्रामीणों से सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इससे करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं में शुक्रवार को भी कैश की किल्लत बताई जाती रही। अधिकांश एटीएम शोपीस बने नजर आए।
पिसावां के कुतुबनगर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में क्षेत्र के खाताधारक शुक्रवार को रुपये निकालने पहुंचे। यहां बैंक अधिकारियों ने कैश न होने की दुहाई दी। यह सुन ग्रामीण भड़क गए और बैंक के सामने मिश्रिख-पिसावां मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने बैंक के मैनेजर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष श्यामजी यादव ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे से करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इधर, जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को स्थिति सामान्य नजर आई।
स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों में 10 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता रहा। हालांकि इस दौरान एटीएम ने जरूर मायूस किया। स्टेट बैंक के परिसर में मौजूद व पुलिस लाइन के निकट मौजूद एटीएम चलता मिला। जबकि अन्य एटीएम खामोश नजर आए। ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों की हालत बेहद दयनीय नजर आई।
पूरे जिले में अगर देखें तो इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की अधिकांश शाखाओं में कैश मौजूद न होने की बात कही जाती रही। जिसकी वजह से खाताधारकों को मायूसी हाथ लगी। लहरपुर, रेउसा, तंबौर, बिसवां, सकरन, रामपुर मथुरा, महमूदाबाद, सिधौली, मिश्रिख, मछरेहटा, महोली, हरगांव आदि क्षेत्र में मौजूद बैंकों में कैश की किल्लत बताई जाती रही।
जिम्मेदारों का कहना था कि जिले में पर्याप्त कैश मौजूद नहीं है, जिसकी वजह से एटीएम कम ही चलाए जा रहे हैं। बैंकों से भुगतान पर अधिक जोर दिया जा रहा है।