पुलिस ने किया हत्या का खुलासा, एक आरोपी अभी भी फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। महमूदाबाद क्षेत्र में प्राॅपर्टी डीलर की हत्या का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पैसे के लेन-देन के विवाद में सुपारी देकर उसकी हत्या कराई गई। फिर कार से लाकर शव को फेंक दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर आलाकत्ल बरामद किया गया है। वहीं, आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
क्षेत्र के ख्वाबीपुर गांव के पास शुक्रवार को एक युवक का शव शारदा नहर पटरी के पास झाड़ी में पड़ा मिला था। उसके सिर और चेहरे पर चोट के निशान पाये गए। शनिवार को उसकी पहचान लखनऊ के चिनहट बड़ी देवरिया निवासी शत्रुघन पाल (38) के रूप में हुई। शत्रुघन प्राॅपर्टी डीलिंग का काम करता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर गंभीर चोटें पाई गई हैं। इसके साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट आने की बात सामने आई थी। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों लखनऊ के गुड़ंबा मोहम्मदपुर खत्री कन्हैयानगर निवासी अजय सिंह, नितिन सिंह और चार ए सनराइज अपार्टमेंट सेक्टर 10 इंसाफ नगर निवासी जयेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि जयेश और मृतक शत्रुघन पाल के बीच काफी समय से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। जयेश ने शत्रुघन पाल की हत्या की सुपारी आरोपी अजय, नितिन व एक अन्य साथी राहुल बाला (अभी फरार) को दी। तीनों ने शत्रुघन पाल को बुलाया फिर हॉकी व डंडे से प्रहार कर हत्या कर दी। उस समय जयेश मौके पर नहीं था। मौत के बाद शव को कार में रखकर महमूदाबाद क्षेत्र में फेंक दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल (हॉकी) बरामद किया गया है। तीनों को जेल भेजा गया।
खुद सफारी से काेतवाली आया था जयेश
पुलिस की मानें तो आरोपी जयेश ने ही शत्रुघन की हत्या की सुपारी दी थी। जयेश को कैमहरा मोड़ कोल्ड स्टोर से गिरफ्तार किया गया। वहीं, स्थानीय सूत्रों की मानें तो जयेश खुद ही एक काले रंग की सफारी यूपी 32 एनए 7979 से चलकर महमूदाबाद कोतवाली आया था। वहां उसकी मुलाकात इंस्पेक्टर और सीओ महमूदाबाद से भी हुई। काफी देर तक बातचीत भी हुई। लेकिन बातचीत के बाद उच्चाधिकारियों ने उसको जेल भेजा। पुलिस अभी तक इस बात को स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आखिर जयेश ने कितने रुपये की सुपारी दी थी। साथ ही कितने रुपये के लेनदेन के लिए घटना हुई। जेल भेजने के बाद भी उसकी सफारी गाड़ी कोतवाली में ही खड़ी रही। उसके कई परिजन भी कोतवाली के पास ही मौजूद रहे।
कौन है बरकत अली
पुलिस ने बरकत अली नाम के एक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि जिस कार से शव को यहां लाया गया वह कार बरकत की थी। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने उससे भी काफी लंबी पूछताछ की। इसके बाद न उसको जेल भेजा है। न ही उसको रिहा किया गया है।
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- हत्या के समय निजी अंग कुचले जाने की बाद सामने आ रही है, ऐसा आरोपियों ने क्यों किया।
- सफारी गाड़ी वाहन संख्या यूपी 32 एनए 7979 थाने तक कैसे पहुंची
- आखिर बरकत अली का इस हत्याकांड से क्या लेना देना है
- जयेश ने किस तरह से सुपारी दी, यह बात स्पष्ट नहीं है