मिश्रिख/सीतापुर। जिला कारागार में सोमवार सुबह एक बंदी का शव बैरक परिसर में फंदे से लटकता मिला। अन्य बंदियों के शोर मचाने पर जेल कर्मियों ने उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर जेल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, हालांकि मामले की जांच कराई जा रही है।
जेल प्रशासन के अनुसार मिश्रिख के बेनियापुर निवासी मुनेंद्र (22) बैरक नंबर 29 के अहाता नंबर आठ में बंद था। सोमवार सुबह बारिश के दौरान बंदियों ने उसे आटा चक्की के पास लगे टिनशेड के एंगल में लुंगी के सहारे फंदे से लटकता देखा। सूचना मिलते ही जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और उसे नीचे उतारकर पहले जेल अस्पताल और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
जेलर राजेश वर्मा ने बताया कि मुनेंद्र को आठ अप्रैल को दहेज हत्या के मामले में जेल लाया गया था। उसकी पत्नी की मौत पांच अप्रैल को हुई थी। मृतका के पिता चित्रकेश (निवासी डेंगरा, नैमिषारण्य) ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद मुनेंद्र और उसके पिता रमेश दहेज के लिए उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे।