सीतापुर। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण प्लास्टिक व स्टील के उत्पादों पर महंगाई बेतहाशा बढ़ी है। इनकी कीमतों में 15 से 20 फीसदी तक का उछाल आया है। इसका सीधा असर शहर की बाजार पर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि फैक्टरियों में कच्चे माल की उपलब्धता घटने और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कंपनियों ने रेट बढ़ा दिए हैं।
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर यहां आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। प्लास्टिक व स्टील के दैनिक उपयोग के सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। महंगाई बढ़ने से खरीदारी में कमी आई है। व्यापारियों का कहना है कि प्लास्टिक दाना की कमी से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके चलते ही प्लास्टिक की बाल्टी, मग, कुर्सी, मिक्सी, कूलर और बोतल समेत वह सभी उत्पाद जिनमें प्लास्टिक व स्टील का इस्तेमाल किया जाता है महंगे हो गए हैं। महंगाई से आम लोगों के घर का बजट प्रभावित होने के साथ ही खरीदारी में भी कमी आई है।
पीवीसी पाइप पर छह रुपये प्रति किलो का उछाल
पीवीसी पाइप के थोक विक्रेता सुजात अंसारी ने बताया कि रेजिंग (दाना) और इसमें इस्तेमाल किया जाने वाला कैल्शियम ईरान के पड़ोसी देश से आता है। कच्चा माल न मिलने से पीवीसी पाइप समेत प्लास्टिक के उत्पादों की कीमतें बढ़ी हैं। पियूष गुप्ता ने बताया कि पीवीसी पाइप पर छह रुपये प्रति किलो का उछाल आया है। पहले 125 रुपये प्रति किलो में पीवीसी पाइप बिकती थी।
प्लास्टिक व स्टील के उत्पाद की इस तरह बढ़ीं कीमतें
प्लास्टिक की 100 रुपये में मिलने वाली बाल्टी अब 115 रुपये की बिक रही है। कुर्सी की कीमत 250 से 300 रुपये, टब 100 से 120 रुपये, डिनर सेट 450 से 550 रुपये वॉटर कूलर 1200 से 1350 रुपये व मिक्सी 2200 से 2650 रुपये की हो गई है।
कई फैक्टरियां हुईं बंद
प्लास्टिक व स्टील पर 15 से 20 प्रतिशत दाम बढ़े हैं। सामान जहां से लाते थे वहां मिल नही रहा है। बताया जा रहा है कि युद्ध के असर से गैस व कच्चा माल नहीं मिल रहा है, जिससे तमाम फैक्टरियां बंद हो गई हैं।
- श्याम किशोर गुप्ता, व्यापारी