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Sitapur News: सीएम के हाथों शिव मंदिर पर ध्वजारोहण कराने की तैयारी

Sun, 29 Mar 2026 09:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नितिन मिश्र
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अयोध्या। रामनगरी एक बार फिर एक ऐतिहासिक क्षण की ओर बढ़ रही है। जहां पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुख्य मंदिर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के हाथों से अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जा चुका है, वहीं अब मंदिर ट्रस्ट की नजर प्रदेश के मुखिया पर टिकी है। तैयारी इस बात की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों परकोटा स्थित शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कराया जाए।
इस प्रस्ताव के पीछे सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश छिपा है। अब तक मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर के किसी भी मंदिर में ध्वजारोहण नहीं किया है, जबकि अयोध्या के पुनरुत्थान में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है। ऐसे में ट्रस्ट चाहता है कि यह परंपरा उनके हाथों भी आगे बढ़े। राम मंदिर के परकोटा स्थित छह मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक परकोटा के अन्नपूर्णा व सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया चुका है। जबकि तीन अप्रैल को हनुमान जयंती पर शेषावतार मंदिर व हनुमान मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण प्रस्तावित है।
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इसके बाद माता भगवती, भगवान शिव व गणेश मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण शेष रह जाएगा। परकोटा में स्थित शिव मंदिर को इसके लिए चुना जाना भी खास मायने रखता है। यह चयन राम और शिव के अद्वैत संबंध को दर्शाने के साथ ही पूरे परिसर की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बन सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समय मांगा है। कार्यक्रम को लेकर प्रारंभिक तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। समय मिलते ही ध्वजारोहण की तारीख घेाषित कर दी जाएगी।


सीएम ने रामलला को टेंट से अस्थायी मंदिर में किया था विराजित
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से जुड़ाव केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आस्था से भी गहराई से जुड़ा रहा है। नौ नवंबर 2019 को राम मंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन 25 मार्च 2020 की सुबह चार बजे सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1992 से टेंट में विराजे रामलला को अस्थायी मंदिर में विराजित किया था। इस दिन पूरे देश में उत्सव मनाया गया था। मंदिर के भूमिपूजन, प्राण प्रतिष्ठा से लेकर ध्वजारोहण तक में भले ही पीएम नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में रहे हों लेकिन सीएम योगी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। अब यदि सीएम शिव मंदिर में ध्वजारोहण करते हैं तो यह एक प्रतीकात्मक पूर्णता जैसा होगा।
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दुर्गा मंदिर पर ध्वजारोहण से मातृ शक्ति को सम्मान
- परकोटा स्थित माता भगवती यानी दुर्गा मंदिर के शिखर पर साध्वी ऋतंभरा के हाथों ध्वजारोहण कराने की तैयारी है। पहले इस मंदिर पर 25 मार्च को ही ध्वजारोहण किया जाना था, लेकिन उनका कार्यक्रम न मिलने से इसे टाल दिया गया है। अब 31 या फिर एक अप्रैल को मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जा सकता है। माता भगवती के मंदिर के शिखर पर साध्वी ऋतंभरा से ध्वजारोहण कराने के पीछे मातृशक्ति व आध्यात्मिक नेतृत्व के सम्मान का संकेत है।
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