सीतापुर। जिले में कोरोना का कहर तेज हो गया है। संक्रमण की रफ्तार भी बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता बहुत ही जरूरी है। गैर राज्यों में तेजी से फैल रहे कोरोना को लेकर यूपी सरकार भी हाई अलर्ट पर है। सीएम योगी भी कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर संजीदा हैं।
चुनाव करीब होने और होली पर्व पर बाहर से घर लौटने वालों की जांच करने के आदेश सरकार ने जिले के जिम्मेदारों को दे रखे हैं लेकिन सरकार के आदेश का जिले में कहीं भी पालन नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल से लेकर रोडवेज और जंक्शन तक कहीं पर भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। लोग बेरोकटोक आ जा रहे हैं। पर्व होने से रोडवेज से लेकर जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कहीं भी कोरोना से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। पग-पग पर लापरवाही दिख रही है और यही अनदेखी संक्रमण की रफ्तार को बढ़ा सकती है। कोरोना का खतरा बढ़ने के बाद भी कहीं पर न तो कोविड हेल्प डेस्क बनी है और न ही थर्मल स्क्रीनिंग ही हो रही है। अफसरों की यह लापरवाही आम लोगों पर भारी पड़ सकती है।
शहर का रोडवेज बस स्टॉप प्रशासन कोविड प्रोटोकाल से एकदम बेपरवाह बना हुआ है। जब लगातार मामले बढ़ रहे हैं तो यहां कोविड हेल्प डेस्क नदारद है। बस स्टॉप पर यात्री बिना रोकटोक आते-जाते देखे जा सकते हैं। स्टेशन परिसर में बने यात्री प्रतीक्षालय में मुसाफिर बिना सोशल डिस्टेंसिंग व बिना मॉस्क के भी बैठे रहते हैं जबकि रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़ अधिक रहती है। इससे यहां खतरा भी अधिक रहता है।
सीतापुर जंक्शन पर सुबह और शाम काफी भीड़भाड़ होती रहती है। जब ट्रेनें आती हैं तो भीड़ एकाएक बढ़ जाती है लेकिन यहां भी कोविड से बचाव के इंतजाम नदारद हैं। अमर उजाला की रियलटी चेक में यहां भी कोविड हेल्प डेस्क नदारद मिली। बाहर से आने वाले यात्री बिना स्क्रीनिंग के ही स्टेशन परिसर से निकल आते हैं। स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य महकमे को कई बार कहा गया है कि कोविड हेल्प डेस्क बनाई जाए।
जिला महिला अस्पताल गेट पर कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है और न ही कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां भी मरीज और तीमारदार बिना रोकटोक अंदर आते-जाते रहते हैं। अस्पताल गेट पर भले ही होमगार्ड बिना मास्क के अंदर इंट्री न देता हो पर अंदर आते ही वह भूल जाते हैं कि उन्हें मॉस्क लगाना भी है।
जिला अस्पताल का भी हाल कुछ ऐसा ही है। यहां ओपीडी में इंट्री होते ही एक साइड में फीवर डेस्क बनी हुई है। यहां पर ज्यादातर स्वास्थ्य कर्मचारी नदारद रहते हैं। इमरजेंसी गेट पर कोविड हेल्प डेस्क भी नहीं बनी हुई है। हर वार्ड के बाहर तीमारदार बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेसिंग के बैठे रहते हैं।