सीतापुर। जिले में बारिश और तेज हवा के बाद चरमराई बिजली आपूर्ति तीन दिन बाद सोमवार को भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। जिले के दो हजार से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लगातार बिजली गुल रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित है। मोबाइल चार्जिंग से लेकर बच्चों को पढ़ाई व कारोबारियों को व्यापार करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ बिजली की सप्लाई लाइनों पर गिरने व कई स्थानों पर बिजली के पोल टूटने, जंपर और इंसुलेटर क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई फीडरों पर फाॅल्ट होने के कारण बिजली व्यवस्था बहाल करने में समय लग रहा है। कुछ गांवों में थोड़ी देर के लिए आपूर्ति शुरू होने के बाद दोबारा फाॅल्ट आने से समस्या बनी हुई है।
पिसावां, कमलापुर, लहरपुर, तंबौर, महमूदाबाद, मिश्रिख, सिधौली, अटरिया, हरगांव, महोली, नैमिषारण्य, खैराबाद, औरंगाबाद, रामपुर मथुरा, रेउसा, इमलिया सुल्तानपुर सहित अन्य इलाकों के गांवों में फॉल्ट के चलते गांवों की बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है।
बिजली नहीं आने से सबसे अधिक परेशानी पेयजल को लेकर है। बिजली गुल होने से नलकूप न चल पाने से पेयजल सप्लाई से जुड़ी पानी की टंकियां सूखी पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक साधनों की मदद लेना पड़ रही है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं के साथ चार्जिंग की समस्या भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। बिजली विभाग ने आपूर्ति बहाल करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में टीमें लगा रखी हैं। कर्मचारी बारिश के बीच टूटे पोल हटाने, तार जोड़ने और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने में जुटे हैं। जहां-जहां फाॅल्ट की जानकारी मिल रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जा रही है।