सीतापुर। बीते दिनों तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण पटरी से उतरी बिजली आपूर्ति व्यवस्था चार दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। जगह-जगह बिजली के पोल टूटने व अन्य फॉल्ट के कारण दो हजार से अधिक गांवों में चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने के लोगों को काफी परेशानी झेलना पड़ रही है। बिजली विभाग को हर दिन बदलने के लिए सिर्फ 200 से 250 पोल ही मिल पा रहे हैं।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली के पोल टूटने के साथ ही करीब 95 ट्रांसफार्मर खराब होने के साथ कई जगह तार, जंपर और इंसुलेटर टूटने से आपूर्ति बाधित है। सबसे बड़ी समस्या टूटे पोलों को बदलने की है। अधिकारियों के अनुसार जिले में पोल की जरूरत काफी अधिक है, जबकि रोजाना 200 से 250 पोल ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। ऐसे में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है। चार दिन से बिजली न आने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग, सिंचाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हैं।
उपभोक्ताओं में आक्रोश, किया प्रदर्शन
ग्रामीण इलाके में बिजली न आने से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ने लगा है। शहर के सहसापुर में बिजली न आने से उपभोक्ताओं ने पराग डेरी के पास सीतापुर महोली सड़क जाम करके विरोध प्रदर्शन भी किया। इसके बाद अफसरों ने बिजली आपूर्ति बहाल करवाई तो शांत हुए। अब ग्रामीण इलाके के भी उपभोक्ता परेशान होने लगे है। मंगलवार को भवानीपुर, मिश्रिख, रेउसा, महमूदाबाद व रामपुर मथुरा उपकेंद्र पर पहुंचकर उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराते हुए नाराजगी जताई है।
48 घंटे में पूरी तरह बहाल होगी आपूर्ति
ग्रामीण इलाके में बिजली न आने से लोगों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। बड़कू ने बताया रोजाना ई रिक्शा चलाकर चार से पांच सौ रुपये कमा लेते थे। ई रिक्शा की बैटरी चार्ज न हो पाने से कमाई बंद हो गई है। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि जरूरत के अनुसार बिजली के पोल की डिमांड शासन को भेजी गई है। जिले में करीब दो हजार पोल टूटने के कारण इन्हें बदलने में समय लग रहा है। भरोसा दिलाया कि अगले 48 घंटे में जिले की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करवा दी जाएगी।