जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए गर्मी में कतार लगाकर बैठी महिलाएं। संवाद
सीतापुर। जिला महिला अस्पताल में सोमवार देर रात आंधी के दौरान बिजली गुल हो गई। मंगलवार शाम तक आपूर्ति बहाल न होने से भर्ती महिलाओं व तीमारदाराें से लेकर स्टाफ तक परेशान रहा।
पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड रूम में अंधेरा पसरा रहा। दूरदराज क्षेत्रों से आईं गर्भवती महिलाएं दिनभर बिना जांच कराए भूखी-प्यासी भटकती रहीं। जांच न होने पर लौटना पड़ा। ओपीडी में बैठीं चिकित्सक व महिलाएं भी परेशान नजर आईं। लाइट न होने के कारण जांच रिपोर्टों को पंखा बनाकर चेहरे पर हवा करते हुए दिखाई दीं।
अस्पताल परिसर में लाखों की लागत से लगा सोलर पावर सिस्टम में भी तकनीकी खराबी आ गई। जिसे कर्मचारी घंटों मशक्कत के बाद भी देर शाम तक दुरुस्त करने में नाकाम रहे। वहीं, जिला अस्पताल का जनरेटर वीआईपी कमरों को ही ठंडी हवा देता रहा। आम मरीजों के वार्डों में अंधेरा पसरा रहा।
सबसे भयावह स्थिति ऑपरेशन थिएटर की रही। बिजली न होने के कारण डॉक्टरों ने उन प्रसूताओं के ऑपरेशन भी टाल दिए, जो दर्द से कराह रही थीं। मरीजों को लाइट आने की बात कहकर टरका दिया गया। सीएमएस डॉ. सुनीता कश्यप ने बताया कि सोमवार को आई तेज आंधी-पानी से मेन लाइन खराब हुई है। सोलर सिस्टम भी खराब है, कर्मचारी उसे ठीक करने में जुटे हैं। ठीक होते ही सारी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से शुरू हो जाएंगी।