सीतापुर। बांसुरा व तंबौर उपकेंद्र से जुड़े करीब 600 गांवों में शनिवार को नौ घंटे बिजली गुल रही। दिनभर बिजली न आने से उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल रहे। शाम सात बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
तंबौर उपकेंद्र से तंबौर देहात, कम्हरिया व बेहटा फीडर जुड़े हुए हैं। इन फीडरों के जरिए करीब 150 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। दो दिन से इन गांवों की आपूर्ति लड़खड़़ा गई है। शनिवार सुबह 10 बजे कटौती कर दी गई। पूरा दिन बिजली गुल होने से गर्मी में लोग परेशान रहे। वहीं किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर सके। शाम सात बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
इसी तरह बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 450 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। यहां पर दो दिन से ऐसे ही हालात बने हुए हैं। दिन में बिजली न आने से लोगों के सामने तमाम दिक्कतें खड़ी हो गईं हैं। किसान महेश ने बताया दिन में गन्ने की सिंचाई करनी थी लेकिन बिजली न आने से सिंचाई नहीं हो पाई है। निजी साधनों से सिंचाई करने से खर्च काफी अधिक आता है। बिजली न होने से उद्योग-धंधे बंद रहे।
शाम 7 बजे आती है बिजली, रातभर होती है ट्रिपिंग
बांसुरा निवासी राकेश ने बताया कि दिन में बिजली नहीं आती है। शाम को सात बजे आ जाती है। लेकिन रात में भी कई बार ट्रिपिंग होती है। इससे नींद भी नहीं पूरी हो पाती है। बिजली विभाग का कहना है फॉल्ट की वजह से फसलों की सुरक्षा की वजह से कटौती हो रही है। जल्द व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
रामकोट में चला चेकिंग अभियान
विद्युत वितरण मंडल प्रथम के तहत रामकोट इलाके में शनिवार को चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बकायेदारों के कनेक्शन काटे गए। अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बिजनेस प्लान के तहत जिले में हो रहे कार्यो की कार्यालय में समीक्षा की। अधिशासी अभियंताओं को जल्द ही सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
फसलों को बचाने के लिए हो रही कटौती
जिले में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। इस समय गेहूं खेतों में तैयार खड़ा है। दिन में तेज हवा चलने से अक्सर तार टूट जाते हैं। इससे आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस वजह से अक्सर दिन में कटौती की जाती है। वहीं कुछ गांवों में लोकल फाॅल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित हुई थी।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता