सीतापुर। पुलिस भी टोटको में विश्वास करती है। यही वजह रही कि नव वर्ष पर अधिकतर थानों में पहला केस गुडवर्क का दर्ज किया गया। जिले के 28 थानों में अधिकांश पर बुधवार को अवैध शस्त्र, आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। कई थानों की पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा
वैसे तो पुलिस महकमा टोटकों में विश्वास नहीं करता है, लेकिन नए साल पर पहला केस गुडवर्क का दर्ज करने का यह टोटका काफी समय से प्रचलित है। महकमे के जिम्मेदारों का मनाना है कि अगर पहला केस गुडवर्क का दर्ज हो तो साल भर थाने में गुडवर्क होता रहता है। पहले दिन पुलिसकर्मी हत्या, लूट, डकैती की धाराओं में पहला केस दर्ज करने से कतराते हैं। कई थानों ने पहले दिन तीन से चार गुडवर्क के केस दर्ज कर लिए, ताकि कोई गुंजाइश ही न रह जाए।
बुधवार को रामपुरकलां पुलिस टीम ने मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पिसावां, लहरपुर, तंबौर, अटरिया पुलिस ने अवैध शराब का केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया। शहर कोतवाली, रेउसा, हरगांव, मानपुर, बिसवां, इमलिया सुल्तानपुर व महोली पुलिस ने भी आबकारी अधिनियम के तहत ही पहला केस दर्ज किया। वहीं रामकोट व सकरन ने शस्त्र अधिनियम, मछरेहटा पुलिस ने जुआं अधिनियम, कोतवाली देहात व थानगांव में गैंगस्टर एक्ट में पहला केस दर्ज किया गया।
इनसेट
समझौतों के साथ हुई शुरुआत
महिला थानाध्यक्ष इतुल चौधरी ने बताया कि उनके यहां समझौतों को ही गुडवर्क माना जाता है। पहले साल पर दो मामले आए। महिलाएं कमलापुर इलाके ही रहने वाली थीं। दोनों के पतियों ने समझौता कर एक साथ रहने का फैसला किया।
इनसेट
घटनाओं की रहती है प्राथमिकता
ऐसा भी नहीं है कि पुलिस टोटके के चलते मामलों को गंभीरता से न ले। सिधौली कोतवाली में पहला केस मारपीट का ही दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर बलवंत शाही के मुताबिक पीड़ित के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण प्राथमिकता के चलते केस दर्ज किया गया। दूसरा केस गुडवर्क में दर्ज किया गया।