सीतापुर। पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में 72 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस अहम सुराग मिलने का दावा कर रही है। राघवेंद्र के मोबाइल की रिसाइकिल बिन में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग को री स्टोर किया गया है। करीब पांच सौ रिकॉर्डिंग सुनी जा रही हैं।
पुलिसकर्मियों की एक टीम इसी पर लगा दी गई है। सूत्रों के अनुसार कॉल रिकॉर्डिंग व लेखपालों के बयानों को मैच किया जा रहा है। इसके साथ राघवेंद्र के लखीमपुर कनेक्शन व उससे जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है। सूत्रों से यह भी पता चला है कि स्थानीय अपराधियों के एक खास नेटवर्क के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। इस नेटवर्क से पूर्व व वर्तमान में जुड़े लोगों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि राघवेंद्र के फोन से अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसके साथ लेखपाल सिंडीकेट, धान घोटाला, जमीन विवाद व एक शख्स से करीबियों के पहलू को खंगाला जा रहा है। एसटीएफ भी डंप डाटा खंगालने में जुटी है। इसमें धान खरीद से जुड़े ठेकेदार व कुछ अन्य राजस्वकर्मी भी शामिल हैं।
छह लेखपालों से मंगलवार को भी पूछताछ जारी रही। घटना के दिन लेखपालों की लोकेशन व कॉल रिकॉर्ड को खंगाला गया है। इसके साथ जमीन विवाद में शामिल एक रिटायर्ड फाैजी की घटना के दिन की लोकेशन भी खंगाली जा रही है।