सीतापुर। बेहटा ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में एक ऐसे अपात्र को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का लाभ दे दिया गया, जिसके पैतृक आवास में खुद के पांच कमरे बने हैं। पात्रों के चयन में हुई गड़बड़ी के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उजागर किया था।
इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी स्तर से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। इसमें आवास आवंटित होने वाला लाभार्थी अपात्र पाया गया। उसे पहली किस्त के रूप में मकान बनवाने के लिए 40 हजार रुपये की राशि दी गई थी। अब इस राशि की वसूली का निर्देश संबंधित सचिव को दिया गया है। सचिव को यह धनराशि वसूल करने के बाद आवास योजना के नोडल खाते में जमा करानी होगी।
बेहटा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भदफर निवासी अखिलेश कुमार पांडे ने गांव के मोहित कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि दो मंजिला मकान होने के बाद भी उन्हें पीएम आवास योजना लाभ का दे दिया गया। इसकी जांच बीडीओ ने एडीओ सहकारिता सिद्धार्थ आर्या से कराई। जांच में पाया गया कि मोहित कुमार दो भाई हैं।
जिसमें मोहित की शादी हो चुकी है और छोटे भाई की शादी नहीं हुई है। सत्यापन के समय मोहित कुमार ने कर्मचारियों को गुमराह करते हुए खुद को टीनशेड में निवास करता दिखाया था।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि इसी आधार पर मोहित का चयन आवास आवंटन की पात्रता सूची में करते हुए निर्माण के लिए पहली किस्त राशि भी दे दी गई। नए आवास का निर्माण आरोपी के पैतृक मकान, जिसमें पांच कमरे बने हैं, उसी के पास कराया जा रहा है। इनका पक्का मकान है, इसलिए यह आवास के लिए अपात्र हैं। जांच रिपोर्ट के बाद बीडीओ ने ग्राम पंचायत सचिव ओम प्रकाश जायसवाल को प्रथम किस्त के बतौर खाते में भेजी गई 40 हजार रुपये की राशि की वसूली करते हुए इसे आवास के नोडल खाते में जमा कराते हुए इसकी जमा रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।