खैराबाद। नेशनल हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग पर मंगलवार को बुलडोजर गरजा। सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्रापर्टी डीलर का ऑफिस व भूखंडों तक जाने के लिए बनाए गए रास्तों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन के मुताबिक यहां 30 से 35 बीघा जमीन पर नक्शा पास कराए बिना ही अवैध रूप से प्लॉटिंग हो रही थी।
सीतापुर-लखनऊ नेशनल हाईवे के किनारे खैराबाद रेलवे स्टेशन के सामने ललियापुर में महायोजना 2031 में ग्रीन बेल्ट ( पी-1) के लिए जमीन आरक्षित है। विनियमित क्षेत्र की अनदेखी के कारण महायोजना में विभिन्न कार्यों के लिए आरक्षित जमीनों पर कॉलोनी बनाने और अवैध प्लॉटिंग का काम काफी समय से चल रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीएम डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में एक टीम बुलडोजर लेकर ललियापुर गांव पहुंची। यहां नाप-जोख के बाद महायोजना में ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि केके राठौर व संजय सिंह ओम सिटी के नाम से 30 से 35 बीघा पर ग्रीन लैंड जमीन पर बगैर नक्शा पास कराए अवैध तरीके से प्लाॅटिंग करा रहे थे। ओम सिटी के कार्यालय और भूखंडों तक जाने के लिए बनाए गए मार्गों को ध्वस्त करा दिया गया है।
पहले भी हो चुकी कार्रवाई फिर कैसे शुरू हुई प्लॉटिंग
ओम सिटी पर दिसंबर 2025 में भी बुलडोजर कार्रवाई की जा चुकी है। तत्कालीन तहसीलदार सदर अतुलसेन सिंह के नेतृत्व में बुलडोजर चलाकर प्लॉटिंग का गेट ध्वस्त कराया गया था। अब सवाल यह उठता है कि पहली कार्रवाई के बाद दोबारा यहां प्लॉटिंग फिर कैसे शुरू हुई। तहसील अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। वहीं, ग्रीन बेल्ट की जमीन को धारा-80 के तहत अकृषक घोषित किया जाना भी चर्चा का विषय है।