रामपुर मथुरा। डीएम के निर्देश पर समितियों में शनिवार को डीएपी भेजी गई। कुछ समितियों पर वितरण भी शुरू कर दिया गया। वहीं, कालाबाजारी रोकने के लिए तहसील प्रशासन की चार सदस्यीय टीम ने 30 खाद दुकानों पर छापा मारकर जांच की है। इस दौरान स्टॉक का मिलान किया गया। हालांकि, कहीं भी गड़बड़ी नहीं पाई गई।
किसानों को रबी फसलों की बोआई के लिए डीएपी की जरूरत है। कई स्थानों पर किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। कुछ स्थानों पर महंगी दरों पर खाद भी मिल रही थी। अमर उजाला में 31 अक्तूबर के अंक में दो हजार में बेच रहे 1350 वाली खाद शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उच्चाधिकारियों तक समस्या पहुंचाई। खबर का संज्ञान लेकर डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने समितियों पर डीएपी पहुंचाने और खाद दुकानों की चेकिंग करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश जिला कृषि अधिकारी संजीव सिंह ने साधन सहकारी समिति पारा, रामपुर मथुरा, मझिगवां व जयरामपुर में डीएपी व एनपीके खाद भेजी है। पारा व रामपुर मथुरा समिति पर खाद का वितरण शुरू करा दिया गया है। सचिव एके शुक्ल ने बताया कि मझिगवां साधन सहकारी समिति पर सोमवार को खाद का वितरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान को पहले 230 रुपये व आधार कार्ड तथा खतौनी आदि प्रपत्र जमा कर समिति का सदस्य बनना होगा, तभी खाद मिल सकेगी। डीएपी खाद के वितरण से किसानों को राहत मिली है।
किसान सुक्खा सिंह, निशान, विजय व रवींद्र आदि ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया है। खाद की कालाबाजारी को लेकर एसडीएम बालकृष्ण सिंह ने कानूनगो वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लेखपाल धर्मेंद्र, दान बहादुर व अनिल सिंह की चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। तहसील प्रशासन की टीम ने रामपुर मथुरा व बहादुरगंज की समिति व कस्बे की करीब 30 खाद की दुकानों पर छापामारी की। कानूनगो वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कहीं पर अधिक स्टॉक नहीं मिला है।