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Sitapur News: 20 हजार से अधिक दिव्यांगों को पेंशन, संस्थाएं भी बन रहीं संबल

Tue, 02 Dec 2025 09:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जिले में करीब 90 हजार दिव्यांगजन लगातार अपने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के हर पहलू में अधिकारों को समझकर आगे बढ़ रहे हैं। इस वर्ष भी दिव्यांगों को शासकीय योजनाओं से जोड़कर समावेशी विकास की कवायद ने गति पकड़ी है। जिले में बीस हजार से अधिक दिव्यांग पेंशन का लाभ ले रहे हैं। वहीं, इस वित्तीय वर्ष 19 ब्लॉकों में 999 दिव्यांगों को सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित कर उपकरण बांटने की कवायद चल रही है। वहीं, 31819 दिव्यांग प्रमाणपत्र मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी हो चुके हैं।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि ब्लॉकवार दिव्यांगों को पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण योजना, शादी अनुदान योजना, दुकान निर्माण संचालन योजना और कॉक्लियर इंप्लांट अनुदान योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए जागरूकता शिविर लगातार लागए जा रहे हैं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में भी कॉक्लियर इंप्लांट अनुदान योजना में अच्छी बढ़त हासिल की है। रामपुर मथुरा ब्लॉक के अलहम जन्म से ही मूक बधिर थे। उनका कॉक्लियर इंप्लांट योजना के तहत चयन किया गया। इसके बाद छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता से उनका सफल ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उन्हें सुनने में आसानी होने लगी। अलहम की तरह लहरपुर के इमरान अली और सिधौली के वंशराज गुप्ता को भी इस योजना के तहत चयनित कर इलाज उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह 20 हजार 617 लोगों को दिव्यांग पेंशन योजना के तहत चयनित कर लाभार्थी बनाया गया। कैंप लगाकर इस वित्तीय वर्ष में 271 दिव्यांगों को सहायक उपकरण बांटे गये। बुधवार को भी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय में दो सौ दिव्यांगों को सहायक उपकरण बांटे जाएंगे। नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरू दिव्यांगों को उपकरण देकर उत्साहवर्धन करेंगे।

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दिव्यांगों की अपेक्षा, मिले बाधा रहित यातायात की सुविधा

जिले में दिव्यांगों के लिए कई सामाजिक संस्थाएं भी दिन रात काम करती हैं। इनमें दिव्यांगम सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष व संस्थापक सदस्य प्रवीण सिन्हा की मांग है कि दिव्यांगजनों के लिए बाधा रहित यातायात की सुविधा होनी चाहिए। एक दिव्यांग बैसाखी से ओवरब्रिज पार नहीं कर सकता। पेंशन की धनराशि से गुजारा संभव नहीं है, इसे कम से कम न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत निर्धारित करना चाहिए। दिव्यांगों को प्रमाणपत्र मिलने में चार से पांच महीने लग रहे हैं। इसे 15 दिन में दिलाया जाए। उपकरण वितरण की व्यवस्था का सरलीकरण होना चाहिए। कहा कि जन प्रतिनिधियों को मिलने वाली निधि में दिव्यांगों के लिए पांच फीसदी धनराशि दी जाती है, इससे रोेेेजगार दिया जाए। साथ ही दिव्यांगजन अधिनियम 2016 को पूर्णतया लागू किया जाये।
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विकलांग सेवा संस्थान दिव्यांगों को दिला रहा वैधानिक संरक्षक



ग्रामीण विकास एवं विकलांग सेवा समिति का संचालन राजेश शर्मा कर रहे हैं। वह प्रमास्तष्क अंगघात,मानसिक मंदता, बहु विकलांगता आदि से ग्रस्त लोगों के लिए वैधानिक संरक्षक नियुक्त कराए जा रहे हैं। जिले के 11 लोगों को वैधानिक संरक्षक उपलब्ध कराए जा चुके हैं।







सारथी फाउंडेशन चला रहा इंस्टीटयूट


सारथी फाउंडेशन सिधौली के मनवा में एक इंस्टीटयूट चलाया जा रहा है। इसमें मूकबधिर और ब्लाइंड के डिप्लोेमा कोर्स संचालित हैं। दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान कराने के साथ ही बच्चों के पठन-पाठन में सहयोग किया जाता है। साथी ट्रस्ट की ओर से दिव्यांगों के कार्यों की पैरवी विभागों से की जाती है।
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आंकड़ों पर एक नजर-
सीतापुर में कुल दिव्यांग- 89157
पुरुष दिव्यांग- 51851
महिला दिव्यांग- 37306
कुल दिव्यांगता प्रमाणपत्र- 31819
दिव्यांग पेंशनधारक- 20617
सहायक उपकरण के लिए इस वर्ष चिन्हित दिव्यांग- 999
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