संदना (सीतापुर)। एक ग्रामीण को अपना शिकार बनाने के बाद क्षेत्र में खौफ पर्याय बना तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं आ रहा है। वन विभाग उसकी तलाश में खाक छान रहा है। कई जगह पिंजरे भी लगाए गए, लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका। चर्चा है कि संदना इलाके के जगदीशपुर में मुर्तजा को अपना शिकार बना कर वहां के दो दर्जन गांवों में अपनी दहशत कायम कर तेंदुवा 20 किलो मीटर दूर रामपुर खेवटा जा पहुंचा। उसके पग चिह्न मिलने से आसपास के 20 गांवों के लोगों की रातों की नींद उड़ी है।
रघुनाथपुर, तेंदुवा, रामशाला, पथरहिया, पनरभू सहित तमाम गांवों में शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता है । दुधवा नेशनल पार्क से आये वन्य जीव विशेषज्ञ प्रदीप चन्द्र मौर्य सहित वन विभाग की कई टीमें रात दिन खोजबीन में लगी है। गुरुवार को देर रात सिसेडी गांव से पिंजरा लाकर रामपुर खेवटा के पास जंगल में रखा गया। रात भर निगरानी होती रही, लेकिन तेंदुवा आसपास भी नहीं आया। कॉबिग में लगे वन कर्मियों के अनुसार क्षेत्र में गन्ने की फसल खड़ी है। यदि तेंदुआ दिख भी जाए तो भी उसे घेरना बेहद मुश्किल होगा।
हरिहरपुर निवासी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि छ: महीने से तेंदुआ क्षेत्र में अपनी मौजूदगी के प्रमाण दे रहा था, लेकिन वन विभाग ने सूचना के बावजूद गंभीरता से नहीं लिया। रेंजर मिश्रिख प्रदीप अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार को भी टीमों ने खोजबीन की, लेकिन कोई नया पगचिह्न नहीं मिलने से तेंदुए की स्थिति का पता नहीं चल पाई है। वन विभाग की टीम स्थितियों पर नजर रखे हुए है।