नेरी (सीतापुर)। इलाके में सिंचाई करने जा रहे किसान को खेत में किसी जंगली जानवर के पगचिह्न नजर आने से दहशत फैल गई। करीब 25 दिन पूर्व इसी गांव में तेंदुए की आमद हुई थी। तेंदुआ लौट आने की आशंका से ग्रामीण सहमे हैं। देर शाम तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची थी।
महोली कोतवाली क्षेत्र के जहांसापुर अमिर्ता गांव का मुख्य व्यवसाय खेती है। किसान धनेश ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद गांव के पश्चिम स्थित अपने खेत गया था। खेत में उसे किसी जंगली जानवर के पगचिह्न दिखे। घबराए धनेश ने गांव जाकर ग्रामीणों को यह बात बताई। ग्रामीण लाठी-डंडों से लैस होकर खेत पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक देखने में पगचिह्न तेंदुए के लग रहे थे। दरअसल, 20 से 25 दिन पहले इसी गांव में तेंदुआ देखा गया था।
फिर से पगचिह्न देखे जाने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। रामकृष्ण ने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी को सूचित कर दिया गया है। मुनेंद्र यादव, विक्रांत, धनेश पाल, चोपराम, रोहित पांडेय व विश्राम लाल आदि ने बताया कि पगचिह्न देखे जाने के बाद डर के मारे कोई खेत जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी राममूर्ति सिंह ने बताया सूचना मिली है। मौके पर टीम भेज दी गई है। उधर, ग्रामीणों का कहना है, कि देर शाम तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची थी।