जहांगीराबाद। केवानी नदी की बाढ़ ने इलाके में कई गांवों के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रखी है। बाढ़ का पानी जहांगीराबाद तक दस्तक दे चुका है। अब बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ अब तक कई बतखों और सियार को अपना निवाला बना चुका है। बाढ़ प्रभावित मोहल्ले के आसपास रहने वाले लोगों ने मंगलवार की रात जागकर बिताई।
मंगलवार सुबह बिसवां-रेउसा मुख्य मार्ग से त्रिलोकपुर जाने वाले रास्ते पर सेठ साबिर अली अंसारी के घर के पास बनी पुलिया से कुछ दूरी पर सड़क किनारे एक बड़ा मगरमच्छ दिखाई दिया। जहांगीराबाद निवासी सुनील कुमार बाइक से गुजर रहे थे। उनकी बाइक पास पहुंचने पर वह पानी की ओर चला गया। उन्होंने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। इसके बाद वार्ड-तीन की ओर भरे पानी में जाते मगरमच्छ को अन्य ग्रामीणों ने भी देखा। मंगलवार शाम सूर्यास्त के बाद त्रिलोकपुर जा रहे लोगों को फिर उसी स्थान के पास सड़क किनारे मगरमच्छ दिखाई दिया। लोगों की भीड़ देखकर मगरमच्छ फिर बाढ़ के पानी में चला गया।
सूचना पर सदरपुर पुलिस और वन दरोगा पी तिवारी टीम के साथ पहुंचे। अंधेरा होने के कारण उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया जा सका। वन दरोगा ने लोगों को अकेले पैदल न निकलने की हिदायत दी।
बुधवार को पहुंची वन विभाग की टीम को मगरमच्छ की लोकेशन नहीं मिली। वन विभाग ने चार कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। टीम सदस्यों का कहना है कि पानी कम होने पर जाल डालकर मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।