कारागार से न्यायालय को पेशी के लिए जाते समय पुलिस कर्मियों को धमकाने तथा जबरदस्ती खरीददारी करने की जिद करने वाले जिला जेल में बंद पाकिस्तानी कैदी हनीफ उर्फ दानिश को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रूपाली सक्सेना ने एक वर्ष दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही उस पर पांच सौ रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी अभियोजन अधिकारी जेके पांडेय ने की।
पिछले काफी समय से पाकिस्तानी नागरिक हनीफ उर्फ दानिश निवासी आसिफ कॉलोनी कराची एक अन्य वाद में जिला कारागार में बंद था। 26 सितंबर 2014 को हनीफ उर्फ दानिश जब पेशी पर लाया जा रहा था, तभी उसने हमराह पुलिस कर्मियों गिरजा शंकर द्विवेदी, विश्वजीत सिंह, रवींद्र यादव व वाहन के चालक रामनाथ सिंह पर जबरिया तंबाकू, पान मसाला व अन्य सामान खरीदने का दबाव बनाया।
मना करने पर उसने पुलिस कर्मियों को धमकी दी। गाड़ी के गेट पर सिर पटक कर खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास किया। इस मामले के प्राथमिकी वादी मुकदमा घनश्याम पाठक की ओर से शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई। प्रस्तुत साक्ष्य को सच पाते हुए न्यायालय ने उसे घटना का दोषी करार देते हुए एक वर्ष दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय में यह भी व्यवस्था दी कि दी गई सजा में से आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन किया जाए।