जिले में अक्षय तृतीय पर मंगलवार को सराफा बाजार में खरीदार उमड़े। सुस्त पड़े बाजार में अक्षय तृतीया को रौनक लौट आई। शगुन के लिए लोगों ने सोने-चांदी की खरीदारी की। कुछ महिलाओं ने नेकलेस तो कुछ ने हल्के गहनों की खरीदारी की।
सोने की कीले खूब बिकीं। अक्षय तृतीया पर जिले भर में करीब 15 करोड़ रुपये सोने-चांदी की बिक्री हुई। बैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप माना जाता है। वैसे तो हर महीने की तृतीया को शुभ मानते हैं। लेकिन बैशाख शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया का अपना अलग महत्व है।
लक्ष्मी जी का दिन होने के नाते सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन सोने की खरीद से लक्ष्मी जी की कृपा बरसती हैं। अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी की जमकर खरीद-फरोख्त होती है। ऐसे में यहां के सराफा कारोबारी ने पहले ही बाहर से नए-नए वैराइटी के आइटम मंगवा लिये थे।
शुक्रवार को अक्षय तृतीय होने से सराफा बाजार खुल गया था। सराफा बाजार में मंगलवार को काफी चहल-पहल नजर आई। ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंचकर लोगों ने शगुन के लिए मन पसंद ज्वैलरी खरीदी। लोगों ने बर्तन और कपड़े भी खरीदे।
शहर के ज्वैलर्स राजेश सहगल ने बताया अक्षय तृतीया पर जिले भर में करीब 15 करोड़ रुपये की बिक्री होने का अनुमान है। घरों में विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई। शहर के लगभग सभी मैरिज लॉन मंगलवार को गुलजार रहे।