मास्टरबाग (सीतापुर)। कसमंडा ब्लॉक की ज्यादातर ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है, क्योंकि गांवों में कूड़ा निस्तारण के लिए बने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों (आरआरसी सेंटर) का संचालन नहीं शुरू किया जा सका है। कुछ ग्राम पंचायतों में इनका निर्माण अधूरा पड़ा हैं। पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से लेकर ग्राम पंचायतें भी इनका संचालन कराने में रुचि नहीं ले रही हैं। इतना नहीं गांवों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रीकरण के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा भी शोपीस बने हुए हैं। यह तीन केस बानगी भर हैं। हर दूसरी ग्राम पंचायत में आरआरसी सेंटर बंद होने से कूड़ा खुले में इधर-उधर बिखरा पड़ा नजर आता है।
कसमंडा ब्लॉक की 78 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब दो वर्ष पहले आरआरसी सेंटरों का निर्माण शुरू कराया गया था। एक आरआरसी सेंटर की लागत तीन से चार लाख रुपये आती है। इसके पीछे उद्देश्य था कि शहरों की भांति गांवों में भी डाेर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो और सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग कर निस्तारण कराया जा सके। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में कूड़ा एकत्रित करने के लिए वाहन (ई-रिक्शा) भी खरीदे गए, लेकिन ज्यादातर गांवों में यह संसाधन महज शोपीस बने हुए हैं। कई गांवों में प्रवेश करते हुए कदम-कदम पर कूड़े के ढेर नजर आते हैं। गांवों को स्वच्छ बनाने का शासन का मंसूबा फिलहाल पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीण लगातार आरआरसी सेंटरों के बंद पड़े होने व अधूरे निर्माण को लेकर शिकायतें भी करते हैं। इसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
मास्टरबाग समेत सभी मजरों में व्याप्त गंदगी
कसमंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत जडौरा में एक साल से आरआरसी सेंटर बनकर तैयार है। अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हुआ है। मास्टरबाग के आदित्य ने बताया कि कस्बा समेत इस ग्राम पंचायत के सभी मजरों में जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर बिखरे रहते हैं।
सीता रसोई व कसमंडा में बंद रहता आरआरसी सेंटर
सीता रसोई व कसमंडा में आरआरसी सेंटर में ताला पड़ा रहता है। सेंटर गांव नजदीक होने व घनी आबादी होने के बाद भी कोई कूड़ा लेने नहीं जाता है। ग्रामीण घरों के बाहर कूड़ा डालने को मजबूर हैं। सीता रसोई के जितेंद्र कुमार ने बताया कि कूड़ा उठाने के लिए खरीदा गया ई-रिक्शा प्रधान के घर खड़ा रहता है।
कान्हमऊ में आरआरसी सेंटर का निर्माण अधूरा
कसमंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कान्हमऊ में आरआरसी सेंटर का निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि सेंटर बनना शुरू हुआ था तो कूड़ा निस्तारण होने से गांव में स्वच्छ वातावरण का निर्माण होने की आस जगी थी। फिलहाल स्वच्छता अभियान अधर में अटककर रह गया है।
आरआरसी सेंटरों का कराया जाएगा संचालन
बीडीओ कसमंडा राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, यदि वहां संचालन नहीं कराया जा रहा तो इसकी जांच कराई जाएगी। सेंटरों का संचालन शुरू कराया जाएगा। कान्हमाऊ में संभवत: बजट के अभाव में निर्माण अटक गया है।