सीतापुर। साहब... ऐसे कैसे ओलंपिक व कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक आएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल मैदान बनाएं गए हैं, लेकिन देश के लिए पदक लाने की राह में पदाधिकारी की रोड़ा बने हुए हैं। मैदान में उपले पाथे जा रहे हैं। मैदान में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। खेल मैदानों की ऐसी स्थिति के चलते युवा खिलाड़ियों में आक्रोश व्याप्त है। खिलाड़ियों का कहना हैं कि खेल मैदान के भीतर फैली अव्यवस्थाएं प्रतिभाओं को खत्म कर रही हैं। मैदान में कोई भी खेल उपकरण नहीं लगे हैं। कई जिम्मेदारों को जानकारी दी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत उदईपुर पूर्वी में खेल मैदान परिसर में ही स्थानीय लोगों के द्वारा उपले पाथे जा रहे हैं। जिसके चलते खिलाड़ी खेल मैदान पर खेल अभ्यास नहीं कर पा रहे है। खेल मैदान का गेट टूट गया है, जिससे आवारा मवेशियों का जमावड़ा भी मैदान के अंदर लगा रहता है। स्थानीय खिलाड़ी राहुल, सोनू, सुनील, पिंटू ने बताया कि खेल मैदान में उपले पाथे जाने की वजह से खेल मैदान में खेलने की जगह नहीं है। मछरेहटा की ग्राम पंचायत माड़र में बने खेल मैदान पर बड़ी-बड़ी घास उगी हैं, जिसके चलते युवा खिलाड़ी खेल मैदान का लाभ नहीं ले पा रहे है। युवा खिलाड़ी सोनू और गोविंद का कहना हैं कि मैदान में कोई भी खेल उपकरण नहीं लगाए गए है। जबकि डीएम ने खेल मैदानों के अंदर युवाओं के लिए खेल उपकरण और ओपन जिम लगाने के निर्देश दिए गए है।