सीतापुर। कोरोना संक्रमण थमने के बाद भले ही जिला व महिला अस्पताल की ओपीडी शुरू कर दी गई हो, लेकिन यहां पर अभी मरीज नहीं आ रहे हैं। पिछले दो दिन से यहां पर सन्नाटा पसरा हुआ है। शनिवार को भी ओपीडी, पैथालॉजी व दवा काउंटर पर सन्नाटा पसरा रहा। इन जगहों पर बैठे कर्मी मरीजों के आने का इंतजार करते रहे।
कोरोना की बेकाबू दूसरी लहर के कारण 17 अप्रैल से ओपीडी सेवा बंद कर दी गई थी। जब संक्रमण की रफ्तार कम हुई तो सरकार ने ओपीडी सेवा शुरू कर दी है। लेकिन अस्पताल में मरीज नहीं पहुंच रहे है। जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में सभी चिकित्सक बैठे हुए नजर आए।
ओपीडी में डॉ. जेएन सिंह, डॉ. एन नथानी, डा. जसवंत, डॉ. लाभायन, डॉ. प्रजापति सब मरीजों के ही इंतजार में दो बजे तक अपने-अपने कक्षों में बैठे रहे। जब मरीज नहीं आए तो वे अपना सरकारी कामकाज करने में जुट गए। यही हाल जिला महिला अस्पताल का भी दिखाई दिया। यहां के दवा, पैथालॉजी व ओपीडी में सन्नाटा रहा। केवल इमरजेंसी में भीड़ रही।
सन्नाटे में रहे चिकित्सक
जिला अस्पताल की ओपीडी में सन्नाटा रहा। ईएनटी चिकित्सक डॉ. जसवंत 12 बजे ओपीडी में बैठे हुए नजर आए। यही हाल सर्जन डॉ. लाभायन के कक्ष का भी दिखाई दिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एन नथानी के कक्ष में दो सिर्फ मरीज दिखे। जबकि त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रजापति भी अकेले ओपीडी में बैठे हुए नजर आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश एक-दूसरे से गुफ्तगू कर रहे थे। ओपीडी में कोई मरीज नहीं था।
नहीं पहुंचे मरीज
जिला महिला अस्पताल का हाल जिला अस्पताल जैसा ही दिखाई दिया। अस्पताल में कुर्सी पर बैठने के लिए मचने वाली मारामारी गायब रही। सन्नाटें में कुर्सियां पड़ी रही। चिकित्सक ओपीडी में मरीजों का इंतजार कर रही थी। चिकित्सकों ने बताया, दोपहर 12 बजे तक महज 15 मरीज ही आए थे। उनको दवाइयां दी गई। यहां के चिकित्सक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दिखाई दिए।
दवा व पैथालॉजी में पसरा रहा सन्नाटा
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल की पैथालॉजी में रोजाना 200 से अधिक जांचें होती थी। इसकी वजह से पैथालॉजी के बाहर मरीजों की भीड़ जुटती थी। लेकिन शनिवार को दोनों जगहों पर सन्नाटा पसरा रहा। एक भी मरीज वेटिंग में बैठा नहीं दिखाई दिया। यही हाल दवा काउंटर का भी रहा। जब मरीज नहीं आए तो दवा काउंटर खाली पड़े रहे।
ओपीडी सेवा चल रही है लेकिन मरीज कम आ रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से जब लोग घरों में रहे तो उन्होंने सेहत का काफी ख्याल रखा है। इससे बीमारियों पर अंकुश लगा है। शनिवार होने के कारण भी कम मरीज आए है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस