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सिर्फ 38 फीसदी बच्चे पढ़ रहे ऑनलाइन

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सीतापुर। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है, लेकिन इसका लाभ महज 38 फीसदी विद्यार्थियों को ही मिल रहा है। 62 फीसदी विद्यार्थी इस शिक्षा व्यवस्था का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कारण, कहीं नेटवर्क की समस्या तो कहीं हाईटेक मोबाइल न होने से विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा से नहीं जुड़ पा रहे हैं। ऐसे में करीब 43 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से दूर हैं।
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कोरोना के कारण प्राइमरी स्तर तक की शिक्षा व्यवस्था ठप चल रही है। जब कोरोना का संक्रमण कम हुआ तो शासन ने 20 मई से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन शुरू करने के निर्देश दिए थे। डीआईओएस ने 38 नोडल अधिकारी तैनात किए थे। एक नोडल अधिकारी के पास 10-12 कॉलेजों का चार्ज दिया गया है। ये नोडल अधिकारी कॉलेजों में होने वाली ऑनलाइन क्लासेज की मॉनीटरिंग करेंगे। इसको बढ़ावा देने के लिए शिक्षक व विद्यार्थियों से बराबर संपर्क में रहेंगे।
जीआईसी सीतापुर प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। ऑनलाइन समीक्षा में मालूम हुआ कि 595 कॉलेजों ने ऑनलाइन क्लासेज के लिए समय सारिणी बना ली है। अभी तक जिले में ऑनलाइन शिक्षा के तहत महज 26716 विद्यार्थी ही जुड़ सके हैं। जबकि 43,228 विद्यार्थी इस शिक्षा व्यवस्था से कोसों दूर हैं।
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इसके पीछे शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेज के लिए सभी विद्यार्थियों को जानकारी दी जा चुकी है। अधिकतर विद्यार्थियों के पास हाईटेक मोबाइल नहीं हैं। यह समस्या ग्रामीण इलाके में आ रही है। अगर उनके पास किसी तरह से मोबाइल का इंतजाम किया है तो नेटवर्क की समस्या बाधक बनी हुई है। इन परिस्थितियों में वह ऑनलाइन शिक्षा का लाभ नहीं उठा पा रहे है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
महज एक से दो फीसदी ही कोर्स हुआ पूर्ण
ऑनलाइन शिक्षा शुरू हुए करीब 13 दिन बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक महज दो से तीन फीसदी ही कोर्स पढ़ाया जा सका है। विद्यार्थी मोहित का कहना है कि शिक्षकों द्वारा ग्रुप जरूर बना दिया गया है। एक चैप्टर ही पढ़ाया गया है। शिक्षक पढ़ाई की अपेक्षा अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऋचा सिंह का कहना है कि पढ़ाई तो जरूर शुरू हो गई है लेकिन ऑनलाइन शिक्षा में मजा नहीं आ रहा है। शिक्षकों के सामने बैठकर सवाल-जवाब करने पढ़ाई जल्दी समझ में आती है।
यह है स्थिति
ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के तहत 595 शिक्षक जुड़ चुके हैं। जबकि इन शिक्षकों ने 1752 व्हाट्सएप पर अपने-अपने ग्रुप बना लिए हैं। अगर शिक्षकों की सहभागिता की बात की जाए तो 74 फीसदी शिक्षकों ने ग्रुप बना लिए हैं। 26 फीसदी शिक्षकों ने अभी ग्रुप भी नहीं बनाए हैं। प्रधानाचार्यों द्वारा 400 शिक्षकों के ग्रुप बनाए गए हैं।
ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। ऑनलाइन से दूर विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस
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