सीतापुर। जिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में इलाज के लिए अब लंबी कतार में घंटों खड़े होने की परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी। राहत दिलवाने के लिए बृहस्पतिवार से अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी सेवा का शुभारंभ हुआ। फिलहाल एक ही चिकित्सक के स्तर पर ऑनलाइन ओपीडी सेवा शुरू हुई है। स्टाफ व संसाधन मिलने पर जल्द ही इसे पूरे अस्पताल में लागू किया जाएगा।
जिला अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी की कवायद कई माह से चल रही थी। इसके लिए मरीजों की आभा आईडी बनवाने का काम बीते कई माह से किया जा रहा था। प्रतिदिन 200 से 250 मरीजों की आईडी बन रही है। मरीजों की आईडी बनने के बाद अब ऑनलाइन ओपीडी सेवा शुरू की गई है। इससे मरीजों की बीमारी का पूरा डेटा व केस हिस्ट्री की जानकारी इलाज करने वाले चिकित्सक को बस एक क्लिक पर मिलेगी। चिकित्सक जांच से लेकर दवा व बीमारी का विवरण भी मरीज की आईडी से खुलने वाले डेटा में अंकित करेंगे।
इस सेवा के शुरू होने से परचा काउंटर पर पंजीकरण करवाने के बाद ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परचा काउंटर से फाइल सीधे संबंधित चिकित्सक के पास पहुंच जाएगी। चिकित्सक ऑनलाइन ही फाइल में जांच की इंट्री करेंगे। मरीजों को केवल पैथोलॉजी जाना होगा। वहां पर भी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। ऑनलाइन ही नाम देखकर मरीज का सैंपल ले लिया जाएगा। मरीज को अपनी जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी। इससे मरीजों को व्यर्थ की भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। बृहस्पतिवार को पहले दिन 50 मरीजों ने ऑनलाइन ओपीडी में अपना इलाज करवाया।
20 कंप्यूटर के साथ ऑपरेटर की भी जरूरत
जिला अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी शुरू करने के लिए शासन से 20 कंप्यूटर ऑपरेटर व इतने ही कंप्यूटर की डिमांड की गई है। यह संसाधन मिलते ही पूरे अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल इसकी शुरुआत फिजिशियन से की गई है। इसके बाद सर्जन, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, आयुष सहित अन्य चिकित्सकों को भी इससे जोड़ा जाएगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी की शुरुआत हो गई है। इसे पूरे अस्पताल में लागू कराने के लिए शासन से जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की मांग भी की गई है। इस व्यवस्था से मरीजों को ओपीडी में कतार लगाने की परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा।
बाहर इलाज कराने पर भी रहेगा फायदा
आभा आईडी बनने के बाद मरीजों की बीमारी का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज होगा। मरीज अगर जिला अस्पताल के अलावा किसी गैर जनपद के सरकारी अस्पताल में इलाज करवाते हैं तो उन्हें केवल आभा आईडी का नंबर बताना होगा। इसमें मरीज का पूरा विवरण व जांचें दर्ज होंगी। इससे मरीजों को अलग से परचा व जांच रिपोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।