बरसात का कहर प्याज पर भारी पड़ रहा है। प्याज के दाम आसमान छूने लगे है। एक पखवारे के अंदर प्याज के दामों में पचास प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वही मंडी में प्याज की आवक कम हो गई है। डिमांड अधिक होने से जमाखोर भी काली कमाई के चक्कर में सक्रिय हो गए हैं। इसका असर लोगों पर पड़ रहा है।
थाली से प्याज गायब होने लगा है। सब्जी व्यापारियों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन 40 टन प्याज की खपत होती है। इस खपत को गैर प्रांतों से आने वाले प्याज के जरिए पूरी की जाती है।
महाराष्ट्र, नासिक, बंगलूरू आदि जगहों से जिले में प्याज की सप्लाई होती है। पिछले दिनों महाराष्ट्र, नासिक में भारी बारिश हुई। इससे खेतों में ही फसल सडने लगी। जिसकी वजह से प्याज की कमी आ गई है।
नई फसल तैयार होने में दो माह का समय लगेगा। इसी वजह से प्याज के दाम में बढ़ोतरी हो गई है। मौजूदा समय में करीब 35 टन ही प्याज आ रहा है। इससे खपत को पूरा करने में दामों में और अधिक बढ़ोतरी हो रही है।
एक पखवारा पहले 25 रुपये किलो की दर से खुले बाजार में प्याज बिक रहा था। अचानक हुई बढ़ोतरी से 40 रुपये किलो तक भाव पहुंच गया है। व्यापारियों का मानना है कि यह बढ़ोतरी जल्द कम नहीं होने वाली है। जब तक नई फसल नहीं आएगी तब तक भाव बढ़ते रहेगे।
महंगाई की वजह से लोगों का जायका बिगड़ने लगा है। वहीं इस महंगाई का लाभ उठाने के लिए जमाखोर भी सक्रिय हो गए हैं। हालांकि टमाटर में बढ़ोतरी के बजाए गिरावट दर्ज की गई है। एक सप्ताह पहले 40 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर 30 रुपये में बिक रहा है।