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आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक हजार महिलाओं की होगी तैनाती

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सीतापुर। जिले में एक हजार से अधिक पद आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाओं के रिक्त हैं। इन पदों पर मानदेय पर नियुक्ति के लिए शासन द्वारा चयन प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय समिति को भर्ती करने का अधिकार दिया गया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली विधवा को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। आंगनबाड़ी वर्कर के लिए हाईस्कूल व सहायिका के लिए कक्षा पांच उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। दोनों पदों के लिए 21 से 45 साल की उम्र मान्य होगी। निदेशक बाल विकास सेवा पुष्टाहार द्वारा एनआईसी से केन्द्रीकृत प्रारूप विकसित कराकर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया 45 दिन में पूरी की जानी है।
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जिले में 20 बाल विकास परियोजना दफ्तर हैं। इनके अधीन 560 आंगनबाड़ी वर्करों एवं 510 सहायिकाओं के पद रिक्त हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मानदेय पर भर्ती बाल विकास परियोजनावार रिक्त पदों के सापेक्ष की जानी है। इस संबंध में शासन द्वारा तय की गई चयन प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा। इसके तहत आयु सीमा की गणना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हाईस्कूल प्रमाण पत्र व सहायिकाओं के लिए कक्षा पांच से की जाएगी। चयन गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के सदस्यों को प्रथम वरीयता देते हुए किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र की निवासी होने पर 46,080 रुपये एवं शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये प्रति परिवार वार्षिक आय निर्धारित की गई है। संबंधित ग्राम सभा एवं शहर में उसी वार्ड का निवासी होना जरूरी है। नियुक्ति में वरीयता का निर्धारण किया गया है। सबसे पहले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली विधवा, इनके उपलब्ध न होने की दशा में तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला का चयन किया जाना है। गरीबी रेखा के जीवन यापन करने वाली महिला के न होने पर इसके ऊपर जीवन यापन करने वाली महिलाओं के चयन पर विचार किया जाएगा। यदि ग्राम सभा में किसी भी श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होता है तो संबधित न्याय पंचायत से श्रेणीवार चयन किया जाएगा।
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वर्कर एवं सहायिकाओं की भर्ती जिले में वर्ष 2011 में हुई थी। इसके बाद से भर्ती नहीं हुई। इसी कारण पदों की रिक्तता बढ़ी। जिससे विभागीय कार्य का बोझ अन्य वर्करों पर बढ़ गया। समय-समय पर चयन को फर्जी विज्ञापनों का भी खेल चला।
डीएम द्वारा नामित सीडीओ या एडीएम स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर की अध्यक्षता में गठित समिति वर्कर व सहायिकाओं की भर्ती करेगी। समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी सदस्य सचिव, एससी वर्ग की अच्छी ख्याति प्राप्त जिला स्तरीय अफसर, ओबीसी का इस प्रकार का अफसर, जिले में तैनात समूह क अथवा ख की महिला अफसर एवं संबंधित परियोजना का बाल विकास परियोजना अधिकारी सदस्य होगा।
एक ही श्रेणी में एक से अधिक पात्र उम्मीदवारों के उपलब्ध होने पर सभी की मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। इसमें हाईस्कूल, इंटर एवं स्नातक के अंकों पर विचार किया जाएगा। जिसके तहत अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त अंक प्रतिशत को दस से विभाजित करने पर जो उत्तर प्राप्त होगा, वही उसका अंक माना जाएगा। यदि एक से अधिक अभ्यर्थी समान अंक प्राप्त करते हैं, तो वरीयता अधिक आयु वाले के अभ्यर्थी को दी जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की मानदेय पर नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया का पुनर्निर्धारण शासन द्वारा किया गया है। इसी की अनुसार भर्ती की जाएगी। वर्तमान में 1070 पद रिक्त हैं। निदेशक द्वारा एनआईसी से पोर्टल उपलब्ध कराने के बाद विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा।
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