सीतापुर। जिले में वर्तमान वित्तीय वर्ष में 21,867 स्वयं सहायता समूह के गठन का लक्ष्य तय था। इसके बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। लक्ष्य के सापेक्ष 21.54 फीसदी ही समूह बनाए जा सके हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में चार दिन ही बाकी हैं। ऐसे में लक्ष्य हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र की जरूरतमंद महिलाओं का समूह बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे संबंधित महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही वह अपना रोजगार कर परिवार का पालन पोषण कर सकें। जिले के जिम्मेदार अफसर महिला स्वयं सहायता समूह बनाने के कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं।
इससे वर्तमान वित्तीय वर्ष में शासन की ओर से तय किए गए लक्ष्य से बहुत पीछे हैं। 21,867 स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन 4712 स्वयं सहायता समूह ही बन सके हैं। एलिया ब्लॉक की सीता, शालिनी, मोहिनी ने बताया कि कई महिलाएं मिलकर समूह बनाना चाहते हैं। इसके लिए ब्लॉक से संपर्क किया था।
इसके बाद भी समूह का गठन नहीं किया गया है। न ही संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है। इसी तरह अन्य ब्लॉकों की तमाम जरूरतमंद महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वयं का रोजगार करना चाहती हैं। बीते वित्तीय वर्ष में स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य अधूरा है।
स्टॉफ की कमी लक्ष्य पूरा करने में बन रही रोड़ा
कार्यालय में स्वीकृत स्टाफ के सापेक्ष कम कर्मचारियों की तैनाती है। इससे विलंब हो रहा है। अभियान चलाकर समूहों का गठन किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि लक्ष्य पूरा हो।
- अमरजीत सिंह, जिला मिशन प्रबंधक