महमूदाबाद। गुलरामऊ गांव निवासी मयंक कुमार सोनी अब दौड़ सकेगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अब उसकी दिल की बीमारी का निशुल्क इलाज किया जाएगा। यह इलाज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में चिकित्सकों की विशेष टीम द्वारा किया जाएगा। इस ऑपरेशन में करीब चार लाख रुपये का खर्च आएगा। जिसको चिकित्सा विभाग वहन करेगा।
मयंक सोनी के पिता मनोज कुमार सोनी ने बताया कि वह फेरी लगाते हैं। उसके चार बेटी व एक बेटा है। वह आर्थिक रूप से कमजोर है लेकिन स्वास्थ्य विभाग काफी मदद कर रहा है। मेरे बेटे मयंक का निशुल्क इलाज हो जाएगा, यह मेरे लिए बहुत अच्छी बात है वरना हम अपने बेटे का इलाज नहीं करवा पाते। उन्होंने बताया कि दौड़ने पर मयंक की सांस फूलती थी। बीते दिनों प्राथमिक विद्यालय गुलरामऊ में एक चिकित्सीय टीम आई।
कक्षा 6 के छात्र मयंक का परीक्षण किया गया। इसके बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि मयंक सोनी की आरबीएस के टीम के डॉ वीरेश चंद्र वर्मा व डॉ. प्रियंका पोरवाल ने जांच की। इसके बाद मयंक कुमार सोनी को जिला अस्पताल भेजा गया। ऐसी बीमारी जन्मजात होती है। मयंक की रिपोर्ट देखने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने एएमयू अलीगढ़ को पत्र लिखकर मयंक के निशुल्क इलाज की सिफारिश की।
अधीक्षक ने खुद दिया किराया, कराई व्यवस्था
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष सिंह ने मयंक व उसके परिजनों को अलीगढ़ तक जाने का किराया दिया। वहीं, उसकी वहां ठहरने की व्यवस्था भी करवाई। इसके साथ अन्य किसी खर्च के लिए भी आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। रविवार को मयंक अलीगढ़ के लिए रवाना होगा।