अगर आपको निकाय चुनाव में भी कोई उम्मीदवार मन मुताबिक न लगे तो सबको रिजेक्ट करते हुए नोटा (नन ऑफ द एबब) पर मुहर लगा सकते हैं। मतदाताओं को निकाय चुनाव में पहली बार मतपत्रों में नोटा का विकल्प दिया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं। यह विकल्प नगर निगमों के अलावा नगर पालिकाओं और नगर पंचायत के मतदाताओं को भी दिया जाएगा। इसको लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है।
तीन चरणों में निकाय चुनाव होने हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार नगर निगमों में ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय लिया है। वहीं, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पहली बार निकाय चुनावों में भी मतदाताओं को नोटा का विकल्प देने का निर्णय लिया है। इसके चलते नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनाव के लिए इस बार जो मतपत्र छपवाए जाएंगे उनमें अनिवार्य रूप से नोटा का विकल्प भी सबसे अंत में होगा।
ताकि यदि किसी मतदाता को चुनावी मैदान में मौजूद प्रत्याशियों में से कोई भी पसंद नहीं है तो वह नोटा के विकल्प पर मुहर लगा सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी जय प्रकाश सिंह ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
अब तक सांसद और विधायक के चुनाव ईवीएम से होते रहे हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश के चलते ईवीएम में पहले से ही नोटा का विकल्प मौजूद है। इसलिए नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं को यह विकल्प ईवीएम में ही मिलेगा लेकिन मतपत्रों में नोटा का विकल्प छपवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी कर दिया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनय पाठक ने बताया कि इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।