पिसावां(सीतापुर)। पंचायत चुनाव में प्रधान बनने के लिए उम्मीदवार सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। इसके लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर प्रत्याशी बनने से भी गुरेज नहीं बरता गया। इसी का एक मामला पिसावां में सामने आया है। दावेदारों की शिकायत पर एसडीएम ने तहसीलदार से जब नामांकन पत्र में लगे दस्तावेजों की जांच कराई तो गड़बड़ी पकड़ में आई। इसकी रिपोर्ट आरओ को सौंपने के बाद प्रधान पद पर आरोपी का नामांकन पर्चा खारिज किया गया।
विकास खंड के ग्राम पंचायत दूलामऊ का प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस पद पर ओबीसी के एक उम्मीदवार ने एससी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नामांकन दाखिल कर दिया। प्रधान पद के एक अन्य उम्मीदवार सरनाम ने इसकी लिखित शिकायत आरओ एवं एसडीएम महोली से की।
इसमें बताया गया कि दूलामऊ ग्राम पंचायत के लिए जितेंद्र कुमार ने इस बार एससी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नामांकन किया है जबकि जाति से वह ओबीसी (गड़रिया) श्रेणी का है। पंचायत के परिवार रजिस्टर में भी उसका नाम ओबीसी में दर्ज है।
इसके बावजूद प्रधान पद पाने को नामांकन भरते समय धनगढ़ बिरादरी का फर्जी एससी प्रमाण पत्र बनवा कर प्रस्तुत किया है।आरओ संजय सिशौदिया ने बताया एसडीएम द्वारा जांच कराने के बाद की गई संतुति के आधार पर आरोपी उम्मीदवार की ओर से तीन सेट में दाखिल नामांकन पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की गयी है।