सीतापुर। भैया! आज तो विशेष ग्राम चौपाल होनी थी, सुना था बड़े अधिकारी आएंगे। नोडल अफसर तो आए ही नहीं...अब किसे समस्या बताएं। बेहटा ब्लॉक की रिहार ग्राम पंचायत में लगी विशेष ग्राम चौपाल में ग्रामीणों के मुंह से यही शब्द सुनने को मिले।
बेहटा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिहार की ग्राम चौपाल में नोडल अधिकारी ही नहीं पहुंचे। मुन्ना लाल, सोहन लाल, मोहित मिश्रा, पवन मिश्रा, संतोष कुमार, राम कुमार व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम चौपाल में जब जिम्मेदार अधिकारी आते नहीं हैं। सिर्फ प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी आए थे। वह तो प्रतिदिन मिलते हैं। सचिव सरदार सिंह राणा ने बताया कि कोई उच्च अधिकारी चौपाल में नहीं आया है।
शुक्रवार को जिले की 38 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम चौपाल लगी। जिम्मेदार अफसरों ने इस आयोजन की हवा निकाल दी। महज औपचारिकता निभाई गई। महोली ब्लॉक की ग्राम पंचायत ईशानगर में सचिव जितेंद्र कुमार व जमुनिया में पंचायत सचिव नीरज राणा मौजूद रहे। दोनों ग्राम चौपाल प्रधान की अध्यक्षता में लगाई गई है। नोडल अधिकारी व अन्य विभाग के अफसर मौजूद नहीं रहे।
ग्राम चौपाल की महज खानापूर्ति की गई। लहरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बाकर नगर और गनेशपुर नेवादा में ग्राम चौपाल का किया गया। खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने दोनों ग्राम चौपालों में ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर निस्तारण के निर्देश दिए।
वहीं, बाकर नगर ग्राम चौपाल में नोडल अधिकारी सहायक विकास अधिकारी कृषि राजकुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम चौपाल में मात्र दो लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। जिसके निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत गणेशपुर नेवादा में आयोजित ग्राम चौपाल के नोडल अधिकारी नवीन कुमार ने ग्राम चौपाल में शामिल होना उचित नहीं समझा। वहीं, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, खाद एवं रसद विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित रहे।
एक साल पूरा होने पर हुआ था आयोजन
पिछले साल दिसंबर माह से प्रत्येक शुक्रवार को ब्लॉकवार दो-दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन शुरू किया गया था। एक वर्ष पूरा होने पर शुक्रवार को चयनित 38 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम चौपाल लगाई गई। आयोजन में अवर अभियंता ग्राम्य विकास अभिकरण से लेकर एडीओ कृषि, एडीओ पंचायत, एडीओ आईएसबी व अन्य अधिकारियों को पहुंचना था। नोडल अफसरों की उदासीनता से यह आयोजन उपेक्षा की भेंट चढ़ गया।