सीतापुर। सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र तो है लेकिन चिकित्सकों की मनमानी से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा। चिकित्सक मरीजों को इस केंद्र की जगह बाहरी मेडिकल स्टोर से दवा लेने को मजबूर कर रहे हैं। मरीजों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
जिला अस्पताल में तीन साल से जन औषधि केंद्र चल रहा है। जिले की 19 सीएचसी पर केंद्र खोले जा रहे हैं। इसके जरिये मरीजों को सस्ती दरों पर दवा उपलब्ध करवाई जाती है। जिला अस्पताल में वैसे तो मरीजों को निशुल्क दवा दी जाती है। ऐसे में कुछ ऐसी दवाएं आवश्यक होती हैं, जो जिला अस्पताल में अंदर से नहीं मिलती हैं। ये दवाएं आसानी से सस्ती दर पर केंद्र पर मिल जाती हैं।
जिला अस्पताल में दवा लेने आए उपेंद्र ने बताया कि अपने बच्चे को डॉ. आर के श्रीवास्तव को दिखाया था। उन्होंने कुछ दवाएं बाहर से लिखीं। जब जन औषधि केंद्र से दवा लेकर पहुंचे तो कहा कि यह फायदा नहीं करेगी।
मरीज मोहित ने बताया कि आयुष चिकित्सक डॉ. संदीप भार्गव से इलाज करवाया। उन्होंने पर्चे के पीछे कुछ दवाएं लिख दीं। जन औषधि केंद्र से दवा लेकर पहुंचे तो वह नाराज हो गए। वह बोले कि मेडिकल स्टोर से खरीद लो। इन दवाओं को खाने से कोई फायदा नहीं होगा। कई अन्य चिकित्सक भी बाहर से दवा खरीदने के लिए विवश कर रहे हैं।