संदना। बारिश के बीच वन विभाग का कॉम्बिंग अभियान रविवार को जारी रहा। हांलाकि, खेतों व बागों से लेकर जंगल के किनारे खाक छानने के बाद भभी बाघिन का कोई सुराग नहीं मिला। पिछले पांच दिनों से बाघिन के कोई ताजा पगचिन्ह भी नहीं मिले हैं। इससे बाघिन की लोकेशन का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। उधर, ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
किसान कमल किशोर की जान लेने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए चल रहा वन विभाग का अभियान 46वें दिन भी बेनतीजा रहा। रविवार को मिश्रिख रेंज के अंतर्गत हिंसक वन्यजीव प्रभावित क्षेत्र कोढ़रीपुरवा, बहादुरपुर, एकडला और बिजुवामऊ में वन विभाग की टीम ने गश्त की। इस दौरान ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। लगातार चार दिनों से बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। रविवार को भी गश्त के दौरान कहीं कोई नया पगचिह्न नहीं मिला।
इससे बाघिन की मौजूदा लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। हालांकि, लंबे समय से चल रहे अभियान के बावजूद बाघिन के पकड़ में नहीं आने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। बाघिन की मौजूदगी के डर से किसान खेतों में जाने और पशुओं के लिए चारा लाने में सावधानी बरत रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बाघिन पकड़ी नहीं जाती, तब तक पूरी तरह भयमुक्त होना मुश्किल है। मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि पिछले पांच दिनों से बाघिन के कोई ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। कॉम्बिंग के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक भी किया गया। टीम लगातार संभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए है।