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कैश न मिला तो भड़के ग्रामीण, लगाया जाम

Thu, 01 Dec 2016 11:20 PM IST
Amarujala Bureau
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लगी भीड़ - फोटो :
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नोटबंदी के 22 दिन बाद भी हालात नहीं सुधर रहे हैं। ग्रामीणों का सब्र जवाब देता नजर आ रहा है। गुरुवार को कैश न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बिसवां क्षेत्र की एक बैंक के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक सीतापुर-बिसवां मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों का कहना है कि उस शाखा से लंबे समय पेमेंट ही नहीं हो रहा है। अधिकारी भी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। इधर, जिले की बैंकें गुरुवार को भी कैश के संकट से जूझती रहीं।

जिला मुख्यालय पर तो जैसे-तैसे काम निपटाया गया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में कैश न होने की बात कही जाती रही। एटीएम तो पूरी तरह से शांत रहे। कहीं भी एटीएम चलते नजर नही आए। गुरुवार को बैंकों में 30 करोड़ रुपये जमा किए गए, जबकि 10 करोड़ रुपयों का भुगतान किया गया।
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8 नवंबर की रात केंद्र सरकार ने 500 व 1000 के नोट पर पाबंदी लगा दी थी। जिसके बाद से जिले की बैंकों में कैश की किल्लत आने लगीं। गुरुवार को बिसवां क्षेत्र के ग्रामीण गुरेरा स्थित बैंक शाखा पहुंचे लेकिन अधिकारियों ने कैश न होने की बात कहकर लोगों को लौटाना शुरू कर दिया।

यह सुन ग्रामीण भड़क गए और बैंक के बाहर ही नारेबाजी करने लगे। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 15 दिनों से आम खाताधारकों को लौटाया जा रहा है। जब कैश आता है, बैंक मैनेजर उसे अपने चहेते खाताधारकों को दे देते हैं।

वहीं प्रदर्शन से करीब डेढ़ घंटे तक सीतापुर-बिसवां मार्ग जाम रहा। इस बीच सूचना पाकर एसडीएम उदय प्रताप सिंह व सीओ शेषमणि पाठक पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को किसी तरह शांत कराया। प्रदर्शन से करीब 4 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं थीं। जिला मुख्यालय का हाल ये था कि स्टेट बैंक में रुपये निकालने की अधिकतम राशि दस हजार रुपये कर दी गई थी। जबकि अन्य बैंकों में भी कुछ ऐसा ही हाल था।

जिला मुख्यालय पर एक्सिस बैंक के एटीएम को छोड़ अन्य सारे एटीएम खामोश पड़े थे। जिनमें कैश न होने की बात कही जा रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लहरपुर, तंबौर, रेउसा, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली, मिश्रिख, महोली, हरगांव आदि क्षेत्र की बैंकों में भी कैश की किल्लत बताई जाती रही। गुरुवार को जिले की 325 बैंकों में करीब 30 करोड़ रुपये जमा हुए। जबकि 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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