महमूदाबाद। नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की गलियों तक आवारा कुत्तों का आतंक फैला है। कई इलाकों में कुत्ते झुंड बनाकर एक स्थान पर बैठे रहते हैं। दो दिन पहले एक आवारा कुत्ते ने नौ लोगों को काट कर पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया था। इसके बावजूद पालिका ने कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई अभियान शुरू नहीं किया है। इससे क्षेत्रीय लोगों में गहरा आक्रोश है।
दो दिन पूर्व नूरपुर से लेकर पुरानी बाजार तक एक आवारा कुत्ते ने नौ को काटकर घायल कर दिया। अगले दिन सुबह कुत्ते का शव तहसील के बगल वाली गली में पड़ा मिला। कुत्ते के हमले से घायल छह लोगों को लखनऊ रेफर किया गया था। नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक अवारा कुत्ते देखे जा रहे हैं। चिकमंडी चैराहा, मोतीपुर मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग पर कुत्ते झुंड बनाकर एकत्रित रहते हैं। कई बार तो बाइक सवार और पैदल निकलने वाले लोगों पर अचानक हमलावर हो जाते हैं। इन आवारा कुत्तों को पकडऩे के लिए नगर पालिका के पास कोई व्यवस्था नहीं है, न ही कोई विशेषज्ञ है। कुत्तों को रखने के लिए कोई निश्चित केंद्र तक नहीं है।
क्षेत्रीय निवासी डॉ. प्रतीक सिंह व रितेश सहित अन्य लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों को पकडऩे के लिए नियमित अंतराल पर अभियान चलाने की जरूरत है। इनसे सबसे ज्यादा खतरा छोटे छोटे बच्चों को रहता है। कुत्ते इन पर अचानक हमलावर होते हैं। इसकी रोकथाम के लिए नगर पालिका प्रशासन इन कुत्तों की धरपकड़ कर टीकाकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष वर्मा ने बताया कि सामान्यत: यह नहीं पता चलता है कि किस कुत्ते में रैबीज का संक्रमण है। लिहाजा लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि अगर कोई भी जानवर काटे तो तुरंत एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं। रैबीज एक खतरनाक संक्रमण है लापरवाही बरतने पर इससे मौत तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज के 300 वॉयल उपलब्ध है।