सीतापुर। जिले में पारिवारिक लाभ योजना के तहत कथित दलालों की ओर जिम्मेदारों से मिलकर सैकड़ों अपात्रों को योजना का लाभ दिलाया गया। दो संयुक्त निदेशक समाज कल्याण की अध्यक्षता में गठित टीम ने लाभार्थियों के गांवों में जाकर जांच की तो गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। दोषी तहसील कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निदेशक ने साढ़े चार माह पूर्व डीएम को दो पत्र भेजे थे। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जनपद में पारिवारिक लाभ योजना में बड़े पैमाने पर अपात्रों को लाभ दिए जाने की आवाज शासन तक पहुंची थी। जिसका संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण निदेशालय के संयुक्त निदेशक मुख्यालय सुनील कुमार बिसेन, आरके सिंह और जिला समाज कल्याण अफसर मुख्यालय शिल्पी सिंह व अलख निरंजन मिश्रा ने ग्राम पंचायत जवाहरपुर व बेलगवां के लाभार्थियों की जांच की थी। साथ ही उप निदेशक लखनऊ मंडल ने रिखौना और उरदौली गांव की जांच की थी। टीम ने लाभार्थियों के गांव जाकर भी जांच की। इसमें अपात्रों को लाभ दिए जाने की पुष्टि हुई।
बेलगवां गांव की जांच में पाया गया कि पांच से 20 साल पूर्व जिनकी मौत हो चुकी है, उन्हें लाभ दिया गया है। लाभान्वित 19 लाभार्थियों में से पांच लाभार्थी अपात्र पाए गए। दो लाभार्थियों द्वारा दोहरा लाभ प्राप्त किया गया है। शेष लाभार्थी पात्र पाए गए। जवाहरपुर की जांच में पाया गया कि 10 से 15 हजार रूपये तक की अवैध वसूली की गई है। इस ग्राम पंचायत में चार अपात्र लाभार्थियों को लाभ दिया गया। जिनकी मौत छह से 10 साल पहले हुई थी। इन सभी लाभार्थियों से जैतीखेड़ा निवासी राजू ने 15 से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है।
रिखौना में तो तमाम अपात्र लाभार्थियों को गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा लाभान्वित कराए जाने का खुलासा हुआ था। प्रकरण में 28 दिसंबर को निदेशक समाज कल्याण ने डीएम को पत्र भेजा था। इसमे दोषी तहसील कर्मियों जिनके द्वारा अपात्रों के आवेदन पत्र भुगतान के लिए अग्रसारित किए गए हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। इसके पूर्व तीन दिसंबर 2021 को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। बावजूद इसके तहसील कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया जानकारी करके बताएंगे।
अपात्रों से वसूली जाए धनराशि
जांच मे जिन अपात्र लाभार्थियों को खुलासा हुआ है। उनसे धनराशि की सौ फीसदी वसूली कराकर विभागीय लेखा शीर्षक जमा की जाए। लाभार्थियों से अवैध वसूली करने वाले दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई कराकर निदेशालय को बताया जाए। यह निर्देश समाज कल्याण अफसर को दिए गए थे।
भेजा गया है नोटिस
जांच में अपात्र पाए गए लाभार्थियों के बैंक खाते से भुगतान पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही संबंधित धनराशि वापसी के लिए नोटिस भेजा गया है।
हर्ष मवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी