डेंगू से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। अब तक नौ लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है। तीन और मरीज डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इनमें दो को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक का लखनऊ में इलाज चल रहा है। इन तीन मरीजों के मिलने से डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 103 हो गई है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार बीमारी के रोकथाम का प्रयास कर रहे हैं पर जमीं पर उनके ये प्रयास ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।
शहर के मोहल्ला वालदा रोड निवासी मनोज (24) को बीते एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया। ब्लड की जांच रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि मनोज को डेंगू हुआ है।
उसकी प्लेटलेट्स घट रही है। डॉक्टर ने मनोज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मनोज को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। शहर के मोहल्ला लोनियन पुरवा निवासी सुभाष सिंह (25) को भी बुखार आ रहा था।
परिवार ने उसे प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि करते हुए सुभाष को लखनऊ रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने सुभाष सिंह की प्लेटलेट्स 36 हजार के करीब बताई है। रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम ओबरी निवासी मुसाफिर के पुत्र सद्दाम (18) को बीते एक सप्ताह से बुखार आ रहा है।
परिवार ने उसे प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जांच के बाद डेंगू होने की पुष्टि की। उसकी प्लेटलेट्स 36 हजार के करीब है। उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल की पैथालॉजी की जांच रिपोर्ट देखने की बात कही। सोमवार शाम पैथालॉजी रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की।
इसके बाद परिवारीजन सद्दाम को अस्पताल से निकाल प्राइवेट अस्पताल में ले गए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना था कि जिला अस्पताल में ढंग से इलाज नहीं हो रहा है।