जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शुक्रवार को नौ अफसरों का वेतन रोका। यह कार्रवाई जनसुनवाई में डिफाॅल्टर ऑनलाइन एवं मुख्यमंत्री संदर्भ के शिकायतों के निस्तारण में देरी पर की गई है। जबकि सात अफसरों को सभी मामले समय से निस्तारित करने की हिदायत दी है।
जनता की समस्याओं को फौरीतौर पर निस्तारित करने के लिए शासन ने आईजीआरएस प्रणाली लागू की है। इस पर ऑनलाइन के साथ ही मुख्यमंत्री संदर्भ व जिलाधिकारी संदर्भ की शिकायतें दर्ज की जाती है। सभी शिकायतों को तय समयावधि में निस्तारण करना होता है।
बावजूद इसके जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतें के निस्तारण में अफसर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इस कार्य में उनके स्तर से कोताही बरती जा रही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री, ऑनलाइन एवं जिलाधिकारी संदर्भ के 772 शिकायतें लंबित हैं।
सभी शिकायतों के निस्तारण की अवधि बीत चुकी है। इस वजह से ये शिकायतें डिफाॅल्टर की श्रेणी में आ गई है। शुक्रवार को जनसुनवाई मामलों की समीक्षा में डीएम ने शिकायतों के निस्तारण की प्रगति बेहद खराब पाई। इस पर उन्होंने नौ अफसराें का वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए। जबकि सात अफसरों को जल्द शिकायतें निस्तारित करने की हिदायत दी है।