बेहटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तंबौर में प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप में परिजनों ने हंगामा किया। बुधवार को सीएचसी में भर्ती प्रसूता के परिजनों ने स्टाफ पर समय रहते उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर न करने का आरोप लगाया।
परिजनों के अनुसार, प्रसूता करीब 14 घंटे तक प्रसव पीड़ा से जूझती रही। इसके बाद मृत नवजात का जन्म हुआ। घटना के बाद परिजनों और स्टाफ नर्स के बीच कहासुनी भी हुई। प्रसूता के पति ने तंबौर थाने में तहरीर देकर मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। रकबा बेली मजरा सुमली निवासी अनुज कुमार के मुताबिक, वह 15 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे अपनी पत्नी को प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस से सीएचसी तंबौर लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती करने के बाद स्टाफ नर्स ने सामान्य प्रसव होने की बात कही।
परिजनों के अनुसार, उन्हें करीब एक से डेढ़ घंटे में प्रसव होने की जानकारी दी गई थी।अनुज का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी प्रसूता को प्रसव नहीं हुआ। इस दौरान उसकी पीड़ा और तकलीफ बढ़ती गई। परिजनों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ से प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर करने की मांग की, लेकिन उन्हें उसकी स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया जाता रहा। परिजनों का कहना है कि समय पर रेफर कर दिया जाता तो बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकती थी।करीब 14 घंटे बाद मृत नवजात का जन्म हुआ। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर पुलिस से शिकायत की।