शहर में बेरोकटोक घूम रहे ठेले खोमचे वालों पर अब लगाम लगेगी। इसके लिए शहर में एक अलग से जोन बनाया जाएगा। इसमें ये लोग अस्थाई रूप से कारोबार कर सकेंगे। इसके बदले इन्हें कुछ शुल्क नगरपालिका में जमा करना होगा। यह निर्णय गुरुवार को नगरपालिका की बोर्ड बैठक में लिया गया।
शहर में करीब 300 ठेले वाले कारोबार करते हैं। इससे कई बार जाम की समस्या बन जाती है। वहीं सड़कों पर अतिक्रमण हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए बोर्ड बैठक में शासन द्वारा निर्धारित नीति को मंजूरी दी गई है। इसमें ठेले-खोमचे वाले भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं टहल सकेंगे।
सहूलियत के लिए शहर में एक जोन बनाया जाएगा। यहां पर वह अस्थाई रूप से कारोबार कर सकेंगे। इसके लिए उनका नगरपालिका से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। शर्त यह रहेगी जिस स्थान पर वह ठेला लगाएंगे वह अस्थाई रहेगी। अनुमति केवल सुबह से शाम तक ही होगी। शाम को उनको ठेला हटाना होगा।
इसके बदले उनसे कुछ शुल्क वसूला जाएगा। यह शुल्क कितना होगा इसका निर्धारण बाद में किया जाएगा। रजिस्टर्ड ठेले-खोमचे वाले ही इसका लाभ पा सकेंगे। बोर्ड बैठक में अध्यक्ष रश्मि जायसवाल, सचिन जायसवाल, कर निर्धारण अधिकारी भूपेंद्र सिंह विशेन आदि सभासद मौजूद रहे।