सीतापुर। समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन योजना में लाभार्थियों की उम्र निर्धारण को लेकर नई व्यवस्था लागू किए जाने से नए आवेदकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को उम्र का प्रमाण नहीं माना जा रहा है। इसके लिए आवेदक को जन्म प्रमाणपत्र, हाईस्कूल मार्कशीट या अन्य सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने फर्जी पेंशन और उम्र संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह बदलाव किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर उल्टा पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बुजुर्गों के पास जन्म प्रमाणपत्र या शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में वह पेंशन के लिए आवेदन तो कर रहे हैं, लेकिन उम्र प्रमाण न होने के कारण उनका फॉर्म निरस्त हो जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्होंने पहले ही ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। नए नियम लागू होने के बाद उनके आवेदन लंबित कर दिए गए हैं और उन्हें दोबारा दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कई बुजुर्ग तहसील, ब्लॉक और साइबर कैफे के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बिना प्रमाणपत्र के स्वीकार नहीं होंगे आवेदन
शासन के निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध उम्र प्रमाणपत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। प्रयास है कि कोई भी पात्र योजना से वंचित न हों।
- मोतीलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी