पालिका की सुस्त अमृत योजना पर भारी पड़ रही है। दरअसल, इस योजना में शासन ने विकास कार्यों का डीपीआर मांगा था। बावजूद इसके चार माह बीतने के बाद भी यह डीपीआर तैयार नहीं हो सकी।
यही वजह है कि इस योजना में शहर का सीवरेज सिस्टम, वॉटर सप्लाई व पार्कों का सौंदयीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं, हालांकि पालिका स्तर से 286 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज जा चुके हैं। डीपीआर न मिलने की वजह से योजना में बजट भी रिलीज नहीं किया जा सका है। शहर को खूबसूरत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अमृत योजना शुरू की है।
योजना में सीतापुर नगरपालिका भी सेलेक्ट की गई है, जिसमें शहरी बाशिंदों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। योजना में शहर का सीवरेज सिस्टम, पार्क व वॉटर सप्लाई की व्यवस्था दुरुस्त होगी।
इसे लेकर नगरपालिका ने प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के मुताबिक 286 करोड़ से शहर की सूरत निहारी जाएगी। इस प्रस्ताव को शासन को भेज गया था। इसे शासन ने मंजूर कर लिया है। अब विकास कार्यों की डीपीआर मांगी गई थी, लेकिन पालिका की लापरवाही से डीपीआर बनने में विलंब हो रहा है।
आहिस्ता-आहिस्ता चार माह से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। पर अभी तक डीपीआर नहीं बन सकी है। वहीं कार्यदायी संस्था से एमओयू भी नहीं हो सका है। जब डीपीआर शासन को जाएगी। उसके बाद धन आवंटित होगा। तभी विकास कार्यो शुरू हो सकेंगे। यह लापरवाही योजना के क्रियान्यवन पर भारी पड़ रही है।
80 किमी बिछेगी नई वॉटर पाइप लाइन
पालिका को कहना है शहर का अमृत योजना के तहत चयन हुआ है। इस योजना में वाटर सप्लाई पर विशेष जोर दिया गया है। 2021 तक का खींचा गया है। जिसके मुताबिक शहर में 80 किलोमीटर नई वॉटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इतनी ही पुरानी बदली जाएगी। मौजूदा संसाधनों में इजाफा करते हुए 15 नए ट्यूबबेल लगाए जाएंगे। जिन पर 73 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सीवर सिस्टम से जुड़ेंगे प्रत्येक मोहल्ले
योजना के मुताबिक प्रत्येक मोहल्ले को सिवरेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा। शहर में करीब 40 किलोमीटर सीवर का जाल बिछाया जाएगा। इस पर 211 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। इसकी रूपरेखा बनाई जा रही है। अगर यह सीवर पाइप लाइन बिछा दी जाएगी तो शहर के जलभराव की प्रमुख समस्या दूर हो जाएगी।
दो करोड़ से संवरेंगे पार्क
शहर के पार्क संवारे जाएंगे। सरोजनी वाटिका व महावीर उद्यान को विकसित किया जाएगा। यहां पर झूले, प्रकाश व्यवस्था, फूलदार पौधे, बेंचे सहित तमाम सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। इस पर दो करोड़ दो लाख 51 हजार का प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
बोर्ड बैठक में पास हुआ प्रस्ताव
जेई मुल्तान सिंह का कहना है विकास कार्यों के लिए जलनिगम व सीएनडीएस कार्यदाई संस्था का प्रस्ताव नगरपालिका बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। उम्मीद है एक सप्ताह में डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी। डीपीआर बनने के बाद संस्थाओं से एमओयू किया जाएगा। उसके बाद कार्य शुरू हो जाएंगे।
डीपीआर बनाने में कुछ हुआ विलंब
अमृत योजना के तहत डीपीआर बनाने में कुछ विलंब हुआ है। इसे लेकर संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए है। जल्द ही डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी। -अनुपम शुक्ल, ईओ
योजना को लेकर पालिका संजीदा
नगरपालिका अमृत योजना के क्रियान्यवन को लेकर काफी गंभीर है। डीपीआर बनाने में जेई मुल्तान सिंह को लगाया गया है। बड़ी योजना के चलते डीपीआर बनाने में देरी हो रही है। फिर भी संबंधित को तेजी से डीपीआर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। -रश्मि जायसवाल, पालिकाध्यक्ष सीतापुर