नैमिष में गोमती व चक्रतीर्थ में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने खिचड़ी व तिल के लड्डू दान किए। घरों में लोगों ने स्नान कर दान-पुण्य किया। फिर खिचड़ी खाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया। इस दौरान घरों में पूजा-अर्चना का दौर भी दिन भर चलता रहा।
मकर संक्रांति पर्व को लेकर शुक्रवार सुबह से ही घरों में चहल-पहल शुरू हो गई। सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में नजर आया। स्नान व पूजा-पाठ करने के बाद लोगोें ने खिचड़ी व तिल के लड्डू ब्राह्मणों को दान किए। इसके अलावा साधु-संतों को हैसियत के अनुसार दक्षिणा भी दी गई।
बाद में कन्याओं व मान्यों को खिचड़ी खिलाकर सभी ने खिचड़ी खाई। मकर संक्रांति पर श्रीराम मंदिर आर्य नगर में भंडारा हुआ। इस दिन सर्वप्रथम आचार्य आशीष शास्त्री ने भगवान का शृंगार पूजन व हवन पाठ किया। पूजन के बाद महंत राजेंद्र दास ने गरीबों को कंबल वितरित किए।
साथ ही भंडारे में भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया। इस अवसर पर राजेंद्र सिन्हा, अनिल वर्मा, मनीष मिश्रा, बलराम मिश्रा आदि उपस्थित थे। प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य में इस मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोर की बेला से ही नैमिष स्थित गोमती तटों व चक्रतीर्थ में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला पहुंचने लगा। यहां श्रद्धालुओं ने स्नान कर साधु-संतों को दान-दक्षिणा प्रदान की।