पिसावां क्षेत्र के रहने वाले आदित्य यादव का श्रम परिवर्तन अधिकारी पद पर हुआ चयन। (संवाद)
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पिसावां/अटरिया (सीतापुर)। नदी के पानी की तरह अविरल चलते रहने की प्रवृत्ति व्यक्ति को समंदर जैसे विशाल लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। इसकी जीती जागती मिसाल पिसावां क्षेत्र के मरकेडा गांव निवासी नलकूप चालक आदित्य यादव हैं। वह पीसीएस की परीक्षा पास करके श्रम प्रवर्तन अधिकारी पद पर चयनित हुए हैं।
आदित्य के पिता अनरूद्ध यादव हरदोई जनपद में प्रमुख आरक्षी के पद पर हैं और मां गृहणी हैं। आदित्य की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने इंटर राजकीय इंटर कॉलेज सीतापुर से किया। उन्होंने परास्नातक और एमफिल कानपुर विश्वविद्यालय से किया। इसी बीच उनका चयन सिंचाई विभाग में नलकूप चालक के पद पर हो गया, इसके बावजूद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी। आदित्य नलकूप चालक की नौकरी करते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते रहे और सफलता प्राप्त की।
आदित्य ने बताया कि उनकी सफलता में उनकी मां और पिता का विशेष योगदान है। बताया कि मां व पिता ने कभी उन पर दबाव नहीं बनाया। ऐसे में वह स्वतंत्र भाव से तैयारी करते रहे और सफलता अर्जित कर ली। बता दें जिले के आठ होनहारों ने पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इनमें एक बेटी ऐसी भी है जिसके पिता हारमोनियम कारीगर हैं। वहीं अटरिया कस्बे की कुमुद मिश्रा की मेधा का कोई जवाब नहीं है। इस बार की पीएसीएस परीक्षा में वह सीडीपीओ पर चयनित हुई हैं।
इससे पहले वर्ष 2019 की परीक्षा में डिप्टी जेलर के पद पर चयनित हुई थीं। हालांकि इस परीक्षा के अभ्यार्थियों की अब तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में कुमुद ने सीडीपीओ पद ही ज्वाइनिंग लेने की इच्छा जताई है। कुमुद मिश्रा का ताल्लुक अटरिया कस्बे एक व्यापारी परिवार से है। इनके पिता हरिओम कस्बे में साइकिल की दुकान चलाते हैं। कुमुद के दोबारा पीसीएस में चयनित होने से क्षेत्र में खुशी लहर है।