नैमिषारण्य (सीतापुर)। अयोध्या, काशी व मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थों से नैमिष को रेल मार्ग के जरिये जोड़ने की मांग तीर्थ वासी लंबे अरसे से कर रहे हैं। इसके बाद भी 88 हजार ऋषि-मुनियों की पावन तपोभूमि अब तक एक अदद लंबी दूरी की ट्रेन के लिए तरस रही है।
सतयुग के तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित नैमिषारण्य धाम हिंदू धर्मग्रंथों में विशिष्ट स्थान रखता है। इस तीर्थ को महर्षि वेदव्यास ने अष्टम बैकुंठ की उपाधि से अलंकृत किया गया है। महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखे गए 18 पुराणों में इसे तपोभूमि की महत्ता प्राप्त होती है। हिंदू धर्म की चार धाम, गंगासागर तीर्थ, पितृ कर्म के लिए गया करने जैसी कई धार्मिक यात्राएं श्रद्धालुओं के नैमिष तीर्थ आकर पूजन कर्म किए बिना पूर्ण नही होती हैं।
यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार आदि प्रदेशों से आते हैं। सत्य नारायण व्रत कथा नैमिषारण्य से ही प्रारंभ हुई है, इसलिए दक्षिण भारत से श्रद्धालु सत्य नारायण व्रत कथा सुनने आते हैं।
लंबी दूरी की एक भी ट्रेन नैमिष के लिए नहीं होने से श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। कहने को नैमिषारण्य के रेलवे स्टेशन की गिनती मॉडल स्टेशनों में होती है लेकिन रेल यातायात के नाम पर सिर्फ एक पैसेंजर ट्रेन ही है। यह पैसेंजर ट्रेन सीतापुर से नैमिष होते हुए कानपुर जाती है। इसके बाद यही ट्रेन कानपुर से नैमिष होते हुए सीतापुर के लिए चलती है।
आबिदा एक्सप्रेस बंद हुई, नई ट्रेन का अब भी इंतजार
वर्ष 1996 में कानपुर से दिल्ली के लिए आबिदा एक्सप्रेस चलती थी। यह ट्रेन बालामऊ, नैमिष, सीतापुर होते हुए शाहजहांपुर बरेली के रास्ते दिल्ली पहुंचती थी। 1996 में इस ट्रेन का संचालन बंद हो गया। इसके बाद लंबी दूरी की ट्रेन का आज तक नैमिष वासी इंतजार कर रहे हैं।
संस्थाएं भी कर रही हैं मांग
नैमिषारण्य को अन्य तीर्थों से रेल यातायात के माध्यम जोड़ने के लिए नैमिषारण्य मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति प्रयासरत है। यह समिति लगभग एक वर्ष से नैमिष से मथुरा के बीच ट्रेन संचालन कराने के लिए प्रयास कर रही है। समिति की ओर से कई महंतो, सांसदों, विधायकों को पत्र दिए जा चुके हैं।
रेल सुविधा में नैमिष पिछड़ा
नैमिषारण्य तीर्थ काफी पौराणिक मगर रेलवे सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। यदि इस तीर्थ को लंबी दूरी की रेलों की सौगात मिल जाए तो आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इससे व्यापार के साधन भी बढ़ेगे।
- बजरंग दास, बड़े महंत हनुमान गढ़ी
मुख्यमंत्री से कर चुका हूं मांग
दिल्ली से लखनऊ की ट्रेन नैमिष होते हुए शुरू हो जाए तो श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नैमिष आए थे तब हमने उनसे अन्य तीर्थों को जोड़ने वाली ट्रेनें चलाने की मांग की थी।
- पाराशम विखंनसा चार्यलु, संचालक भूसमेत बालाजी मंदिर
पत्र लिखा था, जल्द रेल मंत्री से करूंगा मुलाकात
नैमिषारण्य तीर्थ के लिए लंबी दूरी की ट्रेन चलवाने के लिए प्रयासरत हूं। इसके लिए रेल मंत्री को पत्र भो लिख चुका हूं। जल्द ही केंद्रीय रेल मंत्री से मिलकर नैमिष के लिए लंबी दूरी की ट्रेन चलवाए जाने का प्रयास करूंगा।
- अशोक रावत, सांसद मिश्रिख