नैमिषारण्य (सीतापुर)। ऋषि-मुनियों की पावन तपोभूमि नैैमिषारण्य अपने भव्य और दिव्य रूप में देश-विदेश के पर्यटकों को लुभाने के लिए संवर रही है। पर्यटन विभाग की लगातार कोशिशों के चलते कई प्रोजेक्ट धरातल पर आकार लेते नजर आने लगे हैं। पौराणिक तीर्थ को योगी सरकार नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद का गठन कर अयोध्या व काशी की तर्ज पर विकसित करा रही है। पर्यटन विभाग की ओर से तीर्थ में कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा। इनमें गोमती नदी का राजघाट लगभग तैयार है। यहां भव्य सत्संग मंडप हाल बनाया गया है। इसमें श्रद्धालु बारिश अथवा तेज धूप के दौरान भी निर्विघ्न पूजा-पाठ व अनुष्ठान कर सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए जलपान व भोजन के लिए कैंटीन का निर्माण किया गया है। पांच हजार स्क्वायर फीट में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग दो प्रसाधन बनाए गए हैं। समूचे घाट पर धौलपुरी पत्थर लगाया गया है।
प्राचीन पुष्कर तीर्थ को ध्रुव तालाब के रूप में किया विकसित
व्यास गद्दी से राजघाट जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित प्राचीन पुष्कर तीर्थ विलुप्त होने की कगार पर था। सरकार ने इसे ध्रुव तालाब के रूप में विकसित कराया है। इसका सुंदरीकरण कराते हुए इसमें कैंटीन, शौचालय, गार्ड रूम, ओपन जिम, किड्स प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, पब्लिक गार्डन बनाया गया है। यहां श्रद्धालु शांति पूर्ण हरे-भरे वातावरण में योग व ध्यान कर सकेंगे। ध्रुव तालाब को लाल पत्थर से सजाया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए बनकर तैयार 278 बेड वाली डॉरमेट्री
चक्रतीर्थ के पास उड़िया स्वामी आश्रम के निकट सुरम्य वातावरण में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो मंजिला यात्री निवास बनकर तैयार है। इसमें 278 बेड की सुविधा है। इसमें श्रद्धालुओं को डाइनिंग हॉल, वेटिंग रूम, किचन, लैट्रिन, बाथरूम, बैठने के लिए व्यवस्था मिलेगी। इस यात्री निवास के निर्माण में धौलपुर के पत्थर का प्रयोग किया गया है। इसमें मंदिर की तरह कलाकृति बनाई गई है। श्रद्धालुओं को दूर से डॉरमेट्री आकर्षित करती है।
नागरा शिल्पकला पर बने चक्रतीर्थ के द्वार
चक्रतीर्थ के दक्षिण व पश्चिम के साथ उत्तर दिशा में भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं। नागर शिल्पकला के आधार पर तीनों भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इन्हें लाल पत्थर से बनाया गया है। इनमें चक्रतीर्थ की कलाकृति उकेरी गई है। इनमें तीन मंदिर शिखर बनाए गए हैं। यह चक्रतीर्थ की भव्यता बढ़ा रहे हैं।
हवाई सफर की मिलेगी सुविधा
यहां हेलिकॉप्टर से भी श्रद्धालु पहुंच सकते हैं और यहां से अयोध्या, काशी तक का सफर कर सकते हैं। नैमिषारण्य थाने के पास दो हेक्टेयर में हेलिपैड बनाया गया है। यहां से एक साथ तीन हेलिकॉप्टर उड़ान भर सकते हैं। इसमें टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी बिल्डिंग, हैंगर बिल्डिंग, कैफे एरिया, टिकट काउंटर, रेस्ट रूम की व्यवस्था की गई है। भवन निर्माण में लाल पत्थर का प्रयोग किया गया है। मार्ग के दोनों ओर खूबसूरत लाइटें लगाई गई हैं। रात में लाइट जलने के बाद इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।