नैमिषारण्य। तीर्थ स्थल को नए स्वरूप में दिखाने के लिए संचालित विकास परियोजनाएं अब आकार लेने लगी हैं। चक्रतीर्थ को भव्य व दिव्य बनाने की कवायद निरंतर जारी है। तीर्थ के दक्षिण व पश्चिम के साथ उत्तर दिशा में नागर शिल्पकला को दर्शाने वाले भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं।
तीर्थ की ओर आने वाले तीन मार्गों पर तीनों भव्य प्रवेश द्वार बनाए गये हैं। इन्हें लाल पत्थर से बनाया गया है। इस पर चक्रतीर्थ की कलाकृति उकेरी गई हैं। वहीं, तीन मंदिर शिखर बनाए गए हैं, जो यह भव्य द्वार तीर्थ की भव्यता में चार चांद लगा रहे हैं। यह प्रवेश द्वार तीर्थ आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करेंगे। यह सभी कार्य नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के तहत किये जा रहे हैं।
नैमिषारण्य तीर्थ को अयोध्या, काशी की तरह भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन हो रहा है। इससे पूरा तीर्थधाम अब धीरे-धीरे निखरता दिखने लगा है। उपनिदेशक पर्यटन कल्याण सिंह ने बताया कि गोमती नदी का राजघाट भी आने वाले पर्यटकों को लुभाएगा। यहां 15 करोड़ 63 लाख रुपये से 7528 वर्ग मीटर में विकास कार्य होंगे। इसका डीपीआर राजकीय निर्माण निगम को भेजा गया है।
पर्यटन विभाग द्वारा सत्संग मंडप हाल का निर्माण भी कराया गया है। इसमें जिले के बाहर से आने वाले श्रद्धालु बारिश व ठंड में भी शांति से पूजा पाठ व अनुष्ठान कर सकते हैं। यहां भजन के साथ श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यंजनों का इंतजाम रहेगा। करीब पांच हजार वर्ग फीट में दो महिला व पुरुष शौचालयों का भी निर्माण तेजी से किया जा रहा है। वहीं पूरे घाट पर धौलपुर पत्थर लगाया गया है। जिससे यह घाट देखने में काफी सुंदर और दिव्य लगेगा।
ध्रुव तालाब के बतौर विकसित हो रहा प्राचीन पुष्कर तीर्थ
व्यास गद्दी से राजघाट जाने वाले मार्ग पर बने प्राचीन पुष्कर तीर्थ का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसका ध्रुव तालाब के रूप में सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसमें कैंटीन, शौचालय, गार्ड रूम, ओपन जिम, किड्स प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन व पब्लिक गार्डन बनाया जा रहा है। जिससे श्रद्धालु शांति व हरे भरे वातावरण में योग व ध्यान कर सकेंगे। ध्रुव तालाब को लाल पत्थर से सजाया गया है, जो पर्यटकों को दूर से ही आकर्षित करेगा।
ट्रैक्टर ट्राली पार्किंग बनकर तैयार
तीर्थ में अमावस्या पर्व पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर श्रद्धालु आते हैं। जिससे तीर्थ क्षेत्र में पार्किंग की समस्या होती थी। इसे देखकर कल्ली मार्ग पर ललिता देवी मंदिर से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर 8 बीघा भूमि पर 6 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से ट्रैक्टर ट्राली पार्किंग का निर्माण किया गया है। इसमें शौचालय, मार्केट व दो गार्ड रूम भी बनाए गये हैं।
49 करोड़ की लागत से बन रही मल्टीलेवल पार्किंग
ठाकुरनगर तिराहे के पास 4 एकड़ भूमि में 49 करोड़ की लागत से वृहद मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। जिसमे ड्राइवर रेस्ट रूम, मार्केट की भी सुविधा रहेगी। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1300 वर्ग मीटर में रेस्टोरेंट, ठहरने की व्यवस्था, स्नान गृह, रेस्ट रूम, तीर्थ के विषय में संपूर्ण जानकारी वाली हेल्पडेस्क के साथ परिवहन की सुविधा भी मिलेगी।